कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे तेजस्वी यादव: कर दिया बड़ा ऐलान राज्यसभा चुनाव से पहले नितिन नबीन पहुंचे पटना, बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत 4 कांग्रेस विधायकों के ट्रेसलेस रहने के सवाल पर बोले अखिलेश सिंह, कहा..सब मेरे घर पर बैठा हुआ है, चिंता मत कीजिए दिल्ली की नाबालिग लड़की के साथ बिहार में गैंगरेप, प्रेमी के साथ घर से भागकर मोतिहारी स्टेशन पहुंची थी पीड़िता नरकटियागंज में संदिग्ध हालात में विवाहिता की मौत, मायके पक्ष ने लगाया दहेज हत्या का आरोप सिवान का कुख्यात अयूब खान मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार, ‘खान ब्रदर्स’ गिरोह पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज, होटल पनाश पहुंचे तेजस्वी, भाई वीरेंद्र बोले...हमारे पास 41 नहीं 48 विधायक हैं 24 घंटे में काम पर लौटने वाले अधिकारियों पर नहीं होगी कार्रवाई: विजय कुमार सिन्हा इफ्तार में शामिल हुए मुकेश सहनी, रोजेदारों को दी रमजान की शुभकामनाएं Panorama Heights में भव्य Property Expo 2026, घर खरीदने पर 10% तक खास डिस्काउंट
24-Jan-2026 07:53 PM
By FIRST BIHAR
Bihar School News: बिहार सरकार अब अपने सभी सरकारी विद्यालयों को हाईटेक बनाएगी। राज्य के 31,297 मध्य विद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित लैब और लैंग्वेज लैब स्थापित की जाएगी, ताकि बच्चे निजी विद्यालयों के छात्रों से तकनीकी और AI शिक्षा में पीछे न रहें। केंद्र सरकार इस पहल के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी। यह योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से लागू होगी।
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि वैश्विक शिक्षा की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विद्यालय स्तर पर इंटीग्रेटेड साइंस एंड टेक्नोलॉजी लैब और नवाचार को बढ़ावा देना प्राथमिकता में है। वर्तमान में 4,621 माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में इंटीग्रेटेड साइंस लैब स्थापित की जा चुकी है। इस वर्ष 3,991 अन्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में इस तरह की लैब लगाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
केंद्र सरकार की ओर से अटल टिंकरिंग लैब और रोबोटिक्स लैब भी स्थापित की जा रही है, ताकि सरकारी विद्यालयों के छात्र अत्याधुनिक तकनीक और विज्ञान के प्रयोग सीख सकें और तकनीकी दक्षता में निपुण बन सकें। नीतीश सरकार का लक्ष्य है कि हर छात्र 12वीं कक्षा तक स्मार्ट क्लास, इंटीग्रेटेड साइंस लैब और AI आधारित लैब से परिचित हो जाए।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार, छात्र कम से कम दो भाषाओं में दक्ष हों। इसके लिए सरकारी विद्यालयों में एआई लैब, लैंग्वेज लैब, आईसीटी (सूचना एवं संचार तकनीक) लैब, साइंस लाइब्रेरी और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।