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04-Feb-2026 08:00 AM
By FIRST BIHAR
Bihar News: बिहार सरकार पिछले वर्ष जुलाई से सवा सौ यूनिट तक मुफ्त बिजली दे रही है, अब गरीब परिवारों की छतों पर मुफ्त सोलर रूफटॉप लगाने जा रही है। ऊर्जा विभाग ने राज्य के 58 लाख गरीब बिजली उपभोक्ताओं के घरों पर 1.1 किलोवाट क्षमता वाले सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का निर्णय लिया है। पहले चरण में 10 लाख घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाए जाएंगे।
अगले पांच वर्षों में सरकारी भवनों पर 500 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे। मंगलवार को बिहार बजट पेश करते हुए ऊर्जा और सह-वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि बिहार में आर्थिक विकास के साथ बिजली की मांग में भी लगातार वृद्धि हुई है। दो दशक पहले राज्य की बिजली खपत केवल 700 मेगावाट थी, जो अब बढ़कर 8752 मेगावाट हो चुकी है।
बिजली उत्पादन और वितरण में सरकार ने चरणबद्ध तरीके से काम किया। पहले बिहार में कोई बिजली घर नहीं था, इसलिए सबसे पहले बिजली घर निर्माण की योजना पर काम हुआ। बरौनी, कांटी, नवीनगर, कजरा, पीरपैंती और चौसा में बिजली घर बनाए गए। इसके बाद संचरण तार बिछाने की प्रक्रिया शुरू हुई। वर्ष 2005 में बिहार में 45 ग्रिड थे, जो अब बढ़कर 175 हो गए हैं, और 16 नए ग्रिड बन रहे हैं। 5,000 सर्किट किलोमीटर संचरण तार पहले बिछे थे, जो अब 21,165 सर्किट किलोमीटर हो चुके हैं, जबकि 2,369 सर्किट किलोमीटर अतिरिक्त तार बिछाने की प्रक्रिया जारी है।
राज्य के सभी इच्छुक लोगों को बिजली कनेक्शन दिए गए हैं। गली-मोहल्लों में बिजली के तार बिछाए गए हैं और भीड़भाड़ वाले इलाकों में हादसों को कम करने के लिए कवर्ड तार लगाए गए हैं। पटना जैसे शहरों में भूमिगत तार बिछाए जा रहे हैं। गांव से लेकर शहर तक 22-24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिजली की खपत 9,600 मेगावाट होने का अनुमान है। मीटर रीडिंग और स्पॉट बिलिंग की वजह से बिजली बिल में गड़बड़ियों में भी कमी आई है।