फ्लैट खरीदारों के हित पर जोर: रेरा बिहार कार्यक्रम में न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण सिंह का मार्गदर्शन बिहार में अवैध खनन पर सरकार सख्त: सारण में कई वाहन जब्त, 75.65 लाख का जुर्माना राशनकार्ड धारकों को बड़ी राहत: होली और दिवाली पर मिलेगा मुफ्त गैस सिलेंडर Bihar News: जनगणना को लेकर नीतीश सरकार ने शुरू की तैयारी, समन्वय समिति की हुई बैठक; पूछे जाएंगे आपसे 33 सवाल Bihar News: जनगणना को लेकर नीतीश सरकार ने शुरू की तैयारी, समन्वय समिति की हुई बैठक; पूछे जाएंगे आपसे 33 सवाल विजय सिन्हा की चेतावनी के बावजूद बाज नहीं आ रहे राजस्व कर्मी, नीतीश के गृह जिले में 45 हजार घूस लेते निगरानी ने दबोचा Pappu Yadav: सांसद पप्पू यादव की बढ़ी मुश्किलें, MP-MLA कोर्ट ने जारी किया कुर्की-जब्ती का आदेश Pappu Yadav: सांसद पप्पू यादव की बढ़ी मुश्किलें, MP-MLA कोर्ट ने जारी किया कुर्की-जब्ती का आदेश शिवहर में डकैती कांड का खुलासा: लूटे गये सामान के साथ दो अपराधी गिरफ्तार Bihar Railway Project: बिहार के इस रेलखंड पर तीसरी-चौथी लाइन का रास्ता साफ, 17 हजार करोड़ की परियोजना; पहले चरण को मिली मंजूरी
27-Nov-2025 07:44 AM
By First Bihar
Bihar Farmer News : भारी बारिश, बाढ़ और मोन्था चक्रवात से बिहार के 12 जिलों में किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। ऐसे प्रभावित किसानों को राहत देते हुए राज्य के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने बुधवार को बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने क्षतिग्रस्त फसलों का सर्वेक्षण और आकलन पूरा कर लिया है और अब किसानों को कृषि इनपुट सब्सिडी के रूप में मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए पात्र किसानों को 2 दिसंबर 2025 तक विभागीय वेबसाइट dbtagriculture.bihar.gov.in पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से हुई क्षति से किसान बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, इसलिए उनकी सहायता करना सरकार की प्राथमिकता है। विभागीय विज्ञप्ति के अनुसार, 12 जिलों के 39 प्रखंडों की 397 पंचायतों में फसल भूमि को गंभीर नुकसान पहुंचा है। इन क्षेत्रों में मॉनसून के दौरान हुई भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और मोन्था चक्रवात के कारण धान, मक्का, सब्जी सहित कई फसलों की पैदावार प्रभावित हुई है।
तीन श्रेणियों में मिलेगी इनपुट सब्सिडी
किसानों को उनकी फसल भूमि के प्रकार और गुणवत्ता के आधार पर तीन अलग-अलग दरों पर मुआवजा राशि दी जाएगी। असिंचित (बारानी) भूमि अधिकतम 2 हेक्टेयर तक, 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर सिंचित भूमि अधिकतम 2 हेक्टेयर तक 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर बहु-फसलीय भूमि (जिसमें गन्ना खेती वाली भूमि भी शामिल है) अधिकतम 2 हेक्टेयर तक 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर दिया जाएगा।
कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजा जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जा सके ताकि वे अगली फसल के लिए तैयारी कर सकें।
छोटे और सीमांत किसानों को न्यूनतम सहायता
सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों के लिए न्यूनतम देय दरें भी तय की हैं। असिंचित भूमि: 1,000 रुपये, सिंचित भूमि: 2,000 रुपये, बहु-फसलीय भूमि: 2,500 रुपये यह राशि ऐसे किसानों को दी जाएगी जिनकी फसल क्षति कम क्षेत्र में हुई है, लेकिन वे आर्थिक स्थिति से कमजोर हैं।
12 जिले होंगे लाभान्वित
जिन जिलों में फसल क्षति दर्ज की गई है, उनमें शामिल हैं बेगूसराय, पूर्वी चंपारण, कैमूर, मधुबनी, किशनगंज, गया, भोजपुर, मधेपुरा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, शिवहर और सुपौल। मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों की सहायता करना सरकार की प्रतिबद्धता है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अंतिम तिथि से पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा कर लें, ताकि उन्हें समय पर मुआवजा मिल सके। इस राहत पैकेज से उम्मीद की जा रही है कि प्रभावित किसानों को अपने नुकसान की भरपाई में सहायता मिलेगी और वे आगामी रबी सीजन की खेती सुचारू रूप से शुरू कर सकेंगे।