ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar News: होली से पहले BSRTC चलाएगी 149 नई डीलक्स बसें, बिहार से दिल्ली और पंजाब से लेकर इन 9 राज्यों का सफर होगा आसान Bihar News: होली से पहले BSRTC चलाएगी 149 नई डीलक्स बसें, बिहार से दिल्ली और पंजाब से लेकर इन 9 राज्यों का सफर होगा आसान Bihar education news : शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही ! जेल में बंद शिक्षक को 22 महीने तक मिलता रहा वेतन, ऐसे खुला पोल Bihar corruption : सरकारी राशन और आवास योजना का लाभ उठा रहे तेजस्वी के नेता! पूर्व विधायक की पत्नी के नाम राशन कार्ड, अब SDO ने दिए जांच के आदेश Bihar Board: बिहार में अपार आईडी को लेकर चिंता, 85 लाख छात्र-छात्राओं की नहीं बनी APAAR ID; CBSE ने किया है अनिवार्य Bihar Board: बिहार में अपार आईडी को लेकर चिंता, 85 लाख छात्र-छात्राओं की नहीं बनी APAAR ID; CBSE ने किया है अनिवार्य Bihar Mausam: बिहार के किन दो शहरों में भीषण शीत दिवस रहा ? सबसे न्यूनतम तापमान यहां का रहा, अगले सात दिनों तक कैसा रहेगा तापमान.... केंद्र सरकार की सख्ती का असर: भारत में 600 X अकाउंट डिलीट, अश्लील कंटेंट के खिलाफ Elon Musk का एक्शन केंद्र सरकार की सख्ती का असर: भारत में 600 X अकाउंट डिलीट, अश्लील कंटेंट के खिलाफ Elon Musk का एक्शन Srijan Scam Bihar: फिर से खुली बिहार के चर्चित सृजन घोटाला की फाइल, 101.78 करोड़ की अवैध निकासी केस की CBI ने दोबारा शुरू की जांच

Bihar fake teachers : बिहार में फर्जी प्रमाण पत्रों वाले शिक्षकों पर निगरानी का शिकंजा, अब तक 109 के खिलाफ एफआईआर

बिहार में फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्त हुए शिक्षकों के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (SVU) की सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। राज्यभर में चल रही इस व्यापक जांच के दौरान अब तक 109 शिक्षकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है,

Bihar fake teachers : बिहार में फर्जी प्रमाण पत्रों वाले शिक्षकों पर निगरानी का शिकंजा, अब तक 109 के खिलाफ एफआईआर

10-Jan-2026 08:13 AM

By First Bihar

Bihar fake teachers : बिहार में फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्त हुए शिक्षकों के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (SVU) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। राज्यभर में चल रही इस व्यापक जांच के तहत अब तक 109 शिक्षकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। हाल के मामलों में तीन और शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं, जिनके खिलाफ अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया है। इसके साथ ही 100 से अधिक अन्य शिक्षकों के प्रमाण पत्र भी संदेह के घेरे में हैं, जिनकी जांच जारी है।


निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना की टीम राज्य के विभिन्न जिलों में कार्यरत नियोजित शिक्षकों के शैक्षणिक दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। जैसे-जैसे प्रमाण पत्रों का सत्यापन हो रहा है, वैसे-वैसे फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है और संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा रही है। निगरानी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान पूरी पारदर्शिता के साथ चलाया जा रहा है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


हाल ही में जिन तीन शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है, उनमें नियोजित प्रखंड शिक्षक सुधांशु कुमार, प्रखंड शिक्षिका रूना पासवान और पंचायत शिक्षिका कुमारी आरती रानी शामिल हैं। निगरानी जांच में इन तीनों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना के पुलिस अवर निरीक्षक गणेश कुमार ने संबंधित थानों में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया है।


निगरानी विभाग के सूत्रों के अनुसार, राज्य में कार्यरत 100 से अधिक ऐसे शिक्षक पहले ही चिह्नित किए जा चुके हैं, जिनके शैक्षणिक प्रमाण पत्र संदिग्ध हैं। इन सभी मामलों में संबंधित शैक्षणिक संस्थानों और बोर्डों से सत्यापन रिपोर्ट मंगाई गई है। रिपोर्ट आने के बाद यदि प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाते हैं तो उन शिक्षकों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। विभाग का स्पष्ट कहना है कि फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।


सुधांशु कुमार का इंटरमीडिएट अंक पत्र फर्जी

निगरानी विभाग द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, सुधांशु कुमार का नियोजन वर्ष 2006 में हुआ था। वे वर्तमान में एक मध्य विद्यालय में पदस्थापित हैं। उनका नियोजन इंटरमीडिएट स्तर पर अप्रशिक्षित शिक्षक के रूप में किया गया था। डीपीओ स्थापना द्वारा उपलब्ध कराए गए फोल्डर की जांच के दौरान उनके शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की पड़ताल की गई।


सुधांशु कुमार के इंटरमीडिएट अंक पत्र, जिसमें रोल कोड 3210, रोल नंबर 10162, इनरोलमेंट आर 0076-03, वर्ष 2005 और कुल प्राप्तांक 750 अंकित था, का सत्यापन बिहार इंटरमीडिएट काउंसिल से कराया गया। सत्यापन में यह अंक पत्र फर्जी पाया गया। इसके बाद निगरानी विभाग ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की।


रूना पासवान का मध्यमा अंक पत्र निकला फर्जी

प्रखंड शिक्षिका रूना पासवान का नियोजन भी वर्ष 2006 में हुआ था। वे वर्तमान में एक मध्य विद्यालय में पदस्थापित हैं और उनका नियोजन इंटरमीडिएट स्तर पर अप्रशिक्षित प्रखंड शिक्षिका के रूप में किया गया था। उन्होंने प्रखंड नियोजन इकाई में आवेदन दिया था।


रूना पासवान के मध्यमा अंक पत्र, जिसमें रोल कोड 9, रोल नंबर 291, वर्ष 2000, प्राप्तांक 387 और श्रेणी तृतीय अंकित थी, का सत्यापन बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड, पटना से कराया गया। सत्यापन रिपोर्ट में यह प्रमाण पत्र भी फर्जी पाया गया। इसके आधार पर निगरानी विभाग ने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए आवेदन दिया है।


कुमारी आरती रानी के प्रमाण पत्र में दूसरे व्यक्ति का नाम

पंचायत शिक्षिका कुमारी आरती रानी का नियोजन भी वर्ष 2006 में हुआ था। वे वर्तमान में एक प्राथमिक विद्यालय में पदस्थापित हैं। उनका नियोजन इंटरमीडिएट स्तर पर अप्रशिक्षित पंचायत शिक्षिका के रूप में किया गया था।


कुमारी आरती रानी के मध्यमा अंक पत्र, जिसमें कोड 30, रोल नंबर 387, वर्ष 1988, प्राप्तांक 515 और श्रेणी प्रथम अंकित था, का सत्यापन बिहार संस्कृत बोर्ड, पटना से कराया गया। जांच में यह अंक पत्र फर्जी पाया गया। खास बात यह है कि इस अंक पत्र में अभ्यर्थी के स्थान पर राम नारायण झा और पिता का नाम कुमार झा अंकित पाया गया, जिससे फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई।


निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का कहना है कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था की शुचिता बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई जरूरी है। फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्त हुए शिक्षकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय न हो और शिक्षा व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बना रहे। जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।