Bihar Expressways: नई सरकार के गठन के साथ ही पथ निर्माण विभाग ने बिहार में अधोसंरचना विकास को तेज़ गति देने की तैयारी कर ली है। विभाग की शीर्ष प्राथमिकताओं में राज्य के लिए स्वीकृत पांच एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू कराना शामिल है। ये परियोजनाएं न सिर्फ बिहार की कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी, बल्कि औद्योगिक विकास और निवेश को भी नई गति प्रदान करेंगी।


प्रमुख एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर फोकस

बिहार के लिए मंजूर पांच में से तीन प्रमुख एक्सप्रेसवे पर जल्द ही काम शुरू होने वाला है। फिलहाल वाराणसी कोलकाता एक्सप्रेसवे पर निर्माण कार्य चल रहा है, जबकि पटना–पूर्णिया, रक्सौल–हल्दिया और गोरखपुर–सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के लिए मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद शुरुआती काम आरंभ करने की तैयारी जोरशोर से चल रही है। इन तीनों परियोजनाओं के एलाइनमेंट पहले ही स्वीकृत किए जा चुके हैं।


पांचवां एक्सप्रेसवे बक्सर–भागलपुर एक्सप्रेसवे है, जिसके शामिल होने के बाद सभी स्वीकृत एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 1626 किमी हो जाती है। इन एक्सप्रेसवे के बन जाने से बिहार उत्तर, पूर्वी और पश्चिमी भारत के बीच एक बड़े लॉजिस्टिक कॉरिडोर के रूप में उभरेगा।


केंद्र द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं पर तेजी

चुनाव से ठीक पहले केंद्र सरकार ने बिहार के लिए कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। इनमें से प्रमुख साहेबगंज–अरेराज–बेतिया और मोकामा–मुंगेर कॉरिडोर हैं। नई सरकार का लक्ष्य है कि इन परियोजनाओं पर कार्य जल्द से जल्द शुरू हो, ताकि राज्य के विभिन्न जिलों तक आवागमन आसान हो सके और औद्योगिक क्षेत्रों का विकास हो।


मेगा प्रोजेक्ट्स को मिलेगी गति

नई सरकार के एजेंडे में कई बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं, जिनमें सबसे अहम है मुंगेर–भागलपुर गंगा पथ का निर्माण। यह परियोजना 82.8 किमी लंबी है और इसे दो चरणों में विकसित किया जा रहा है।

पहला चरण: मुंगेर से सुल्तानगंज (42 किमी) तक सड़क निर्माण, लागत – 5120 करोड़ रुपये

दूसरा चरण: सुल्तानगंज से भागलपुर (सबौर) तक 40.08 किमी फोरलेन सड़क, लागत – 4850 करोड़ रुपये


इस सड़क में कई आधुनिक अंडरपास भी बनाए जाएंगे जिससे स्थानीय ट्रैफिक को भी राहत मिलेगी। यह परियोजना गंगा के उत्तरी किनारे पर एक वैकल्पिक और तेज़ मार्ग प्रदान करेगी, जिससे भागलपुर और मुंगेर के बीच यात्रा समय में भारी कमी आएगी।


पटना गंगा पथ का कोईलवर तक विस्तार

राजधानी पटना में स्थित गंगा पथ को कोईलवर तक विस्तारित करने का कार्य भी मेगा प्रोजेक्ट की श्रेणी में शामिल है। लगभग 6000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 35.65 किमी लंबी सड़क में से 18 किमी हिस्सा एलिवेटेड होगा। अगले महीने से इस पर काम शुरू होने की योजना है।


यह विस्तार पटना, बिहटा, दानापुर और कोईलवर के बीच यात्रा को अत्यंत सुगम बनाएगा और गंगा के किनारे एक नया हाई-स्पीड कॉरिडोर तैयार करेगा। इससे पटना–आरा और पटना–बक्सर रूट पर आने-जाने वाले लाखों यात्रियों को बड़ा लाभ मिलेगा। प्रथम खंड के तहत मुंगेर से सुल्तानगंज के बीच 42 किमी सड़क बननी है। इसकी लागत 5120 करोड़ रुपए है। वहीं दूसरे खंड के तहत सुल्तानगंज से भागलपुर के सबौर तक गंगा किनारे सड़क का निर्माण कराया जाना है। इसकी लंबाई 40.08 किमी है और लागत 4,850 करोड़। इस सड़क का निर्माण फोरलेन में कराया जाना है जिसमें कई अंडरपास भी हैं। वहीं एक अन्य मेगा प्रोजेक्ट है पटना स्थित गंगा पथ का कोईलवर तक विस्तार। इस प्रोजेक्ट पर अगले महीने से काम शुरू करने की योजना है। इसके तहत गंगा किनारे 35.65 किमी सड़क का निर्माण कराया जाना है। इसकी लागत लगभग 6000 करोड़ रुपए है। इस प्रोजेक्ट का 18 किमी हिस्सा एलिवेटेड है।