Bihar expressway: गया जिले के गुरारु प्रखंड के लिए आमस से दरभंगा तक निर्माणाधीन फोरलेन एक्सप्रेस-वे (NH-119D) एक बड़ी सौगात साबित होने जा रहा है। भारतमाला परियोजना के तहत बन रहा यह महत्वाकांक्षी एक्सप्रेस-वे इस वर्ष के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। पहले इसके निर्माण का लक्ष्य मार्च 2026 तय किया गया था, लेकिन मौजूदा प्रगति को देखते हुए इसे निर्धारित समय से पहले पूरा किए जाने की संभावना जताई जा रही है। इस एक्सप्रेस-वे के चालू होने से न केवल यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी सुधार होगा, बल्कि गुरारु और आसपास के इलाकों के सामाजिक-आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
इस फोरलेन एक्सप्रेस-वे का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि गुरारु प्रखंड बिहार की राजधानी पटना से सीधे जुड़ जाएगा। पटना का सफर अब कहीं अधिक सुगम, सुरक्षित और कम समय में पूरा किया जा सकेगा। यह मार्ग पटना के रामनगर बेल्दारीचक, पटना रिंग रोड, जट डुमरी, कच्ची दरगाह और पटना सिटी से होकर अथवा इनके आसपास से गुजरते हुए आवागमन को बेहद आसान बना देगा। वर्तमान में जहां गुरारु से पटना पहुंचने में लंबा समय और कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, वहीं एक्सप्रेस-वे के चालू होने के बाद यात्रा का समय काफी घट जाएगा।
गुरारु प्रखंड में एक्सप्रेस-वे से जुड़ाव के लिए दो प्रमुख प्रवेश एवं निकास बिंदु विकसित किए जा रहे हैं। पहला प्रवेश-निकास बिंदु मथुरापुर के रानीबाजार के समीप, मथुरापुर-गुरारु स्टेट हाईवे-69 पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर के पास बनाया जा रहा है। दूसरा प्रवेश एवं निकास बिंदु गुरारु बाजार के समीप आजाद विगहा गांव के पास, गया-रफीगंज सड़क तथा गुरारु-परैया रेल लाइन पर बन रहे रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के नजदीक प्रस्तावित है। इन दोनों स्थानों पर एक्सप्रेस-वे से जुड़ने के लिए स्लीप रोड और रैंप के साथ टोल प्लाजा का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
इन टोल प्लाजा और रैंप के आसपास नए व्यावसायिक केंद्र, बाजार, ढाबे, होटल, पेट्रोल पंप और अन्य सेवाक्षेत्र विकसित होने की पूरी संभावना है। इससे स्थानीय लोगों, विशेषकर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। निर्माण कार्य के दौरान जहां बड़ी संख्या में लोगों को काम मिला है, वहीं एक्सप्रेस-वे के चालू होने के बाद भी परिवहन, व्यापार और सेवा क्षेत्र में स्थायी रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना गुरारु और आसपास के ग्रामीण इलाकों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी और गरीबी उन्मूलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
गया जिले में इस एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई लगभग 55 किलोमीटर होगी। यह आमस से शुरू होकर मखदुमपुर के समीप शिवरामपुर गांव के पास जहानाबाद जिले में प्रवेश करेगा। जिले के भीतर तीन नदियों पर तीन बड़े पुलों का निर्माण किया जा रहा है, जो इस परियोजना को तकनीकी रूप से मजबूत बनाएंगे। इसके अलावा दो स्थानों पर रेलवे ओवरब्रिज भी बनाए जा रहे हैं, जिससे सड़क और रेल यातायात के बीच समन्वय बेहतर होगा और दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी। इन सभी संरचनाओं को भी इस वर्ष के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
कुल मिलाकर, आमस–दरभंगा एक्सप्रेस-वे (NH-119D) गुरारु प्रखंड के लिए विकास की नई इबारत लिखने जा रहा है। यह न केवल गुरारु को पटना से सीधे जोड़ेगा, बल्कि व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर पैदा कर क्षेत्र की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाएगा। आने वाले वर्षों में यह एक्सप्रेस-वे गुरारु और आसपास के इलाकों को विकास के नए पथ पर अग्रसर करता हुआ दिखाई देगा।