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30-Oct-2025 09:09 AM
By First Bihar
Bihar corruption : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। इसी क्रम में ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार राय पर आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह वही अधिकारी हैं जिनके घर छापेमारी की भनक लगने पर लाखों रुपये के नोट रातभर जलाए गए थे। इस घटना ने पूरे राज्य में सनसनी मचा दी थी।
नोट जलाने की सनसनीखेज घटना
22 अगस्त की रात आर्थिक अपराध इकाई की टीम विनोद कुमार राय के पटना स्थित आवास पर छापेमारी के लिए पहुंची थी। लेकिन, टीम के पहुंचने से पहले ही अभियंता को इस कार्रवाई की भनक लग गई थी। बताया जाता है कि इसके बाद इंजीनियर और उनके परिवार ने नोटों को ठिकाने लगाने की कोशिश में लाखों रुपये के नोट जला दिए। रातभर नोट जलाने का सिलसिला चलता रहा। जब सुबह ईओयू की टीम घर में दाखिल हुई, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था टॉयलेट और पाइपलाइन जले हुए नोटों से जाम मिले, कमरे में अधजले नोट बिखरे पड़े थे और हवा में जले रुपये की गंध फैली हुई थी।
टीम ने मौके से करीब 52 लाख रुपये नकद, 26 लाख रुपये के स्वर्ण आभूषण और चल-अचल संपत्तियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए थे। इसके अलावा अधजले नोटों को भी सबूत के तौर पर जब्त किया गया। इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, जिसके बाद यह मामला चर्चा का केंद्र बन गया।
ईओयू ने दर्ज की थी प्राथमिकी
इस घटना के बाद 23 अगस्त को ईओयू ने बिहार नगर सुरक्षा (बीएनएस) अधिनियम सहित कई गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। अभियंता विनोद कुमार राय के साथ उनकी पत्नी बबली राय को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया था। हालांकि, बबली राय अब तक फरार हैं। ईओयू ने उनके खिलाफ कुर्की-इश्तेहार जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में उन पर भी कानूनी शिकंजा और कस सकता है।
चार्जशीट में क्या है
ईओयू की ओर से दाखिल चार्जशीट में अभियंता विनोद कुमार राय के खिलाफ ठोस सबूत पेश किए गए हैं। जांच में यह पाया गया कि उन्होंने अपनी सेवा अवधि में आय से कई गुना अधिक संपत्ति अर्जित की। नोट जलाने की घटना के जरिए उन्होंने सबूत मिटाने की कोशिश की थी, जो कि कानूनन एक गंभीर अपराध है। चार्जशीट में यह भी उल्लेख है कि इंजीनियर ने छापेमारी की सूचना मिलने के बाद जानबूझकर सरकारी जांच में बाधा डालने का प्रयास किया।
पत्नी भी बनी सह-अभियुक्त
चार्जशीट में अभियंता की पत्नी बबली राय को भी प्राथमिक अभियुक्त बताया गया है। जांच एजेंसी का दावा है कि संपत्ति अर्जन और नोट जलाने दोनों मामलों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। वे फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश में ईओयू की कई टीमें जुटी हुई हैं। सूत्रों के अनुसार, उनके खिलाफ जल्द ही कोर्ट से कुर्की और इश्तेहार की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
दूसरी प्राथमिकी: आय से अधिक संपत्ति का मामला
ईओयू ने अभियंता राय के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया है। 10 सितंबर को दर्ज इस प्राथमिकी में उन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि राय की कुल वैध आय के मुकाबले उनकी संपत्ति कई गुना अधिक है। उनके नाम पर और परिजनों के नाम से कई संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले हैं। ईओयू अब इन संपत्तियों के स्रोतों की जांच कर रही है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
ईओयू की इस कार्रवाई को राज्य में भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम की बड़ी सफलता माना जा रहा है। नोट जलाने जैसी हरकत ने न सिर्फ अभियंता राय की छवि को ध्वस्त किया बल्कि पूरे विभाग पर सवाल खड़े कर दिए। सूत्र बताते हैं कि ग्रामीण कार्य विभाग के कई और अधिकारियों की भी निगरानी की जा रही है। विभागीय स्तर पर भी इस मामले की जांच शुरू हो गई है।
क्या है आगे की कार्रवाई
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब यह मामला अदालत में पहुंचेगा, जहां अभियंता विनोद कुमार राय को अपने बचाव में पक्ष रखना होगा। ईओयू की ओर से मिले सबूतों और जब्त संपत्तियों के आधार पर अभियोजन पक्ष मजबूत माना जा रहा है। वहीं, बबली राय के फरार रहने की स्थिति में उनके खिलाफ अलग से कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार सरकार की एजेंसियां अब किसी भी स्तर पर समझौता करने को तैयार नहीं हैं। नोट जलाने जैसा शर्मनाक अध्याय बिहार की नौकरशाही में लंबे समय तक याद किया जाएगा।