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03-Feb-2026 07:35 PM
By FIRST BIHAR
Bihar News: साल 2027 में पूरे देश में होने वाली जनगणना को लेकर बिहार सरकार ने तैयारियां तेज कर दी है। इसको लेकर मंगलवार को राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की दूसरी महत्वपूर्ण बैठक पुराना सचिवालय के सम्मेलन कक्ष में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की। बैठक में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारियों ने भाग लेकर जनगणना से जुड़ी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि भारत सरकार द्वारा जारी सीमा स्थिरीकरण अधिसूचना के तहत 31 दिसंबर 2025 से 31 मार्च 2027 तक राज्य में किसी भी ग्रामीण या शहरी प्रशासनिक इकाई की सीमा अथवा क्षेत्राधिकार में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। वर्तमान में बिहार में 534 ग्रामीण एवं 265 शहरी प्रशासनिक इकाइयाँ (एक छावनी परिषद सहित) अधिसूचित हैं, जिनके आधार पर ही जनगणना कार्य संपन्न होगा।
दो चरणों में होगी जनगणना
बैठक में बताया गया कि जनगणना–2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहला चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना होगा, जिसे अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच 30 दिनों की अवधि में संपन्न किया जाएगा। इस चरण के निष्पादन की अवधि तय करने तथा उससे संबंधित अधिसूचना राज्य राजपत्र में प्रकाशित कराने की जिम्मेदारी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को नोडल विभाग के रूप में सौंपी गई है। इस चरण में कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे, जो मकानों की स्थिति, उपयोग, उपलब्ध सुविधाएँ, परिसंपत्तियाँ तथा मुख्य अनाज के उपभोग से संबंधित होंगे। इन प्रश्नों को भारत सरकार द्वारा 23 जनवरी 2026 को विधिवत अधिसूचित किया जा चुका है।
जिलों में संरचनात्मक तैयारी पर जोर
बैठक में निर्देश दिया गया कि प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी शीघ्र ही जिला जनगणना पदाधिकारी, अन्य कनीय जनगणना पदाधिकारी, तथा जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति का गठन सुनिश्चित करें। साथ ही, जिला एवं प्रभार स्तर पर जनगणना कोषांग की स्थापना और सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता दी जाए। विशेष रूप से जिलों को निर्देशित किया गया कि वे अपने क्षेत्र के विशेष क्षेत्रों जैसे छावनी, सैन्य एवं अर्धसैन्य क्षेत्र तथा प्रतिबंधित क्षेत्रों जैसे कारागार, रेलवे परिसर, वन क्षेत्र, तापीय विद्युत कॉलोनी आदि की प्रमाणित सूची तैयार कर जनगणना कार्य निदेशालय, बिहार को उपलब्ध कराएं।
प्रशिक्षण और मकान सूचीकरण खंड निर्धारण पर फोकस
बैठक में प्रमुख प्रशिक्षकों और क्षेत्रीय प्रशिक्षकों के नामांकन, प्रशिक्षण स्थलों और तिथियों के निर्धारण तथा सभी राजस्व गाँवों और वार्डों के संक्षिप्त कोड के अनुरूप मकान सूचीकरण खंडों की अनुमानित संख्या तय करने के कार्य को शीघ्र पूरा करने पर बल दिया गया।
फरवरी में होगा राज्य स्तरीय सम्मेलन
जनगणना कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए फरवरी माह में सचिवालय के अधिवेशन भवन में सभी जिलाधिकारियों और नगर आयुक्तों का एक राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
पूर्णतः डिजिटल माध्यम से जनगणना
बैठक में यह भी बताया गया कि जनगणना–2027 पहली बार पूर्णतः डिजिटल माध्यम से होगी। इसके लिए क्षेत्राधिकार परिवर्तन पोर्टल से क्षेत्राधिकार अद्यतन, जनगणना प्रबंधन एवं अनुश्रवण प्रणाली से नियुक्ति-पत्र, पहचान-पत्र और डिजिटल प्रभार पंजिका, मकान सूचीकरण खंड निर्माण पोर्टल से डिजिटल मानचित्र तैयार करना तथा नागरिकों के लिए स्वगणना की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
सेवा-हितों की सुरक्षा पर चर्चा
बैठक में जनगणना कार्य में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सेवा-हितों की सुरक्षा के लिए जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 15(क) तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 27 के प्रावधानों पर भी प्रकाश डाला गया।
बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने सभी विभागों के बीच प्रभावी समन्वय को और सुदृढ़ करने पर बल देते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए, ताकि जनगणना–2027 का कार्य पारदर्शी, सुचारु और समयबद्ध ढंग से संपन्न हो सके।
बैठक में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी समिति के सदस्य के रूप में उपस्थित रहे। इनमें सी. के. अनिल, प्रधान सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग-सह-राज्य समन्वयक (जनगणना); डॉ. बी. राजेंदर, अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग एवं शिक्षा विभाग; विनय कुमार, प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग; मयंक वरवड़े, सचिव, योजना एवं विकास विभाग; वंदना प्रेयषी, सचिव, समाज कल्याण विभाग; जय सिंह, सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधारविभाग; मनोज कुमार, सचिव, पंचायती राज विभाग; रंजीत कुमार, निदेशक, अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय; विष्णु भूषण चौधरी, अपर सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग तथा एम. रामचंद्रुडु, निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय, बिहार सह-संयोजक सदस्य के रूप में शामिल थे। इसके अतिरिक्त जनगणना कार्य निदेशालय, बिहार के संयुक्त निदेशक, उप निदेशकगण, सहायक निदेशकगण एवं अन्य अधिकारीगण भी बैठक में उपस्थित रहे।