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01-Nov-2025 10:14 AM
By First Bihar
Bihar Board : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने इंटरमीडिएट (कक्षा 12) और मैट्रिक (कक्षा 10) वार्षिक परीक्षा 2026 के लिए सेंट-अप परीक्षा कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि इन सेंट-अप परीक्षाओं में शामिल होना सभी विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य है। यह परीक्षा न सिर्फ औपचारिकता है, बल्कि वार्षिक परीक्षा में शामिल होने का पहला और अनिवार्य चरण है। जो विद्यार्थी सेंट-अप परीक्षा में असफल होंगे या अनुपस्थित रहेंगे, उन्हें मुख्य परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) जारी नहीं किया जाएगा।
बिहार बोर्ड की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, इंटरमीडिएट स्तर पर सैद्धांतिक (थ्योरी) सेंट-अप परीक्षा 19 से 26 नवंबर 2025 के बीच आयोजित की जाएगी। परीक्षाएं दो पालियों में ली जाएंगी पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 12:45 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक। परीक्षा के प्रत्येक सत्र में विद्यार्थियों को पहले 15 मिनट प्रश्नपत्र पढ़ने और समझने के लिए दिए जाएंगे।
इंटर की प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) परीक्षा 27 से 29 नवंबर 2025 के बीच आयोजित की जाएगी। ये परीक्षाएं संबंधित विद्यालयों में ही होंगी और सभी विषयों के विद्यार्थियों को प्रायोगिक परीक्षा में अनिवार्य रूप से शामिल होना होगा। बोर्ड ने विद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे सख्ती से सेंट-अप परीक्षाओं का संचालन करवाएं और मूल्यांकन पारदर्शी ढंग से करें।
मैट्रिक सेंट-अप परीक्षा: 19 से 22 नवंबर तक लिखित, 24 को प्रायोगिक
10वीं कक्षा यानी मैट्रिक स्तर के विद्यार्थियों के लिए सेंट-अप परीक्षा 19 से 22 नवंबर 2025 के बीच होगी। वहीं, मैट्रिक प्रायोगिक परीक्षा 24 नवंबर 2025 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा के आयोजन का समय इंटर की तरह ही दो पालियों में रहेगा और छात्र-छात्राओं के लिए उपस्थित होना अनिवार्य है। बोर्ड ने स्पष्ट कहा है कि जो विद्यार्थी सेंट-अप परीक्षा देने से चूक जाएंगे, उन्हें वार्षिक परीक्षा से भी वंचित कर दिया जाएगा।
75% उपस्थिति अनिवार्य
बोर्ड द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, इंटर और मैट्रिक दोनों ही वर्गों के विद्यार्थियों के लिए विद्यालय में कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। यदि किसी विद्यार्थी की उपस्थिति इससे कम है, तो वह सेंट-अप परीक्षा या वार्षिक परीक्षा में शामिल होने का हकदार नहीं होगा। इस नियम का पालन सख्ती से कराने के लिए सभी विद्यालयों को आदेश जारी किए गए हैं।
दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए विशेष सुविधा
बिहार बोर्ड ने दृष्टिबाधित (विजुअली इम्पेयर्ड) और अन्य दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। उन्हें सेंट-अप परीक्षा में लेखक (सहायक लेखक) रखने की अनुमति दी गई है ताकि वे बिना किसी कठिनाई के परीक्षा दे सकें। इस सुविधा का लाभ लेने वाले विद्यार्थियों के लिए बोर्ड ने विद्यालय प्रबंधन को आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।
परिणाम जमा करने की अंतिम तिथियां
इंटर सेंट-अप परीक्षा का मूल्यांकन पूरा कर उसका परिणाम जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय में 5 दिसंबर 2025 तक जमा करना होगा। वहीं, मैट्रिक सेंट-अप परीक्षा का परिणाम 2 दिसंबर 2025 तक संबंधित विद्यालयों द्वारा जमा कर दिया जाना चाहिए। बोर्ड ने समयसीमा का सख्ती से पालन करने के निर्देश सभी विद्यालयों को दिए हैं।
किन विद्यार्थियों के लिए जरूरी, किनके लिए नहीं?
सेंट-अप परीक्षा में शामिल होना नियमित, स्वतंत्र (प्राइवेट) एवं क्वालिफाइंग श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य है। लेकिन पूर्ववर्ती (पिछले साल असफल), कंपार्टमेंटल या सुधार श्रेणी (इम्प्रूवमेंट) के विद्यार्थियों को सेंट-अप परीक्षा में शामिल होने की आवश्यकता नहीं है।
सेंट-अप परीक्षा का महत्व
बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि सेंट-अप परीक्षा विद्यार्थियों की तैयारी का पहला महत्वपूर्ण मूल्यांकन है। यह परीक्षा तय करती है कि कौन विद्यार्थी वार्षिक परीक्षा में बैठने के योग्य है। इस प्रकार, सेंट-अप परीक्षा केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि मुख्य परीक्षा की तैयारी और मानसिकता बनाने की एक अहम प्रक्रिया है।
बिहार बोर्ड ने सेंट-अप परीक्षाओं के संबंध में बेहद स्पष्ट और सख्त निर्देश जारी किए हैं। यह परीक्षा अब विद्यार्थियों के लिए सिर्फ एक ‘टेस्ट’ नहीं, बल्कि वार्षिक परीक्षा की सबसे पहली और अहम सीढ़ी बन गई है। ऐसे में छात्रों और विद्यालयों दोनों की जिम्मेदारी है कि वे सेंट-अप परीक्षा को गंभीरता से लें और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करें, ताकि वार्षिक परीक्षा की राह आसान हो सके।