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22-Jan-2026 06:32 PM
By FIRST BIHAR
Bihar News: बिहार के वित्त मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने राज्य में बैंकों के कामकाज की प्रभावी निगरानी के लिए उच्च स्तरीय समिति के गठन की घोषणा की है। इस समिति की अध्यक्षता विकास आयुक्त करेंगे।
गुरुवार को आयोजित राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की 95वीं बैठक को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य के समग्र विकास में बैंकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उन्हें अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाना होगा। उन्होंने विशेष रूप से कृषि क्षेत्र में बैंकों की उदासीनता पर चिंता जताई और बैंकों से बिहार के विकास में सक्रिय योगदान देने की अपील की।
बैठक में कृषि, उद्योग, डेयरी एवं पशुपालन मंत्री समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद थे। वित्त मंत्री ने बताया कि राज्य में कार्यरत प्रत्येक बैंक की रैंकिंग की जाएगी। इसके लिए 100 अंकों का पैमाना तय किया गया है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियों के आधार पर अलग-अलग अंक दिए जाएंगे।
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि न्यूनतम 40 अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। जो बैंक तय मानक से कम प्रदर्शन करेंगे, उन्हें सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा, उनकी काली सूची बनाई जाएगी और सरकारी धन जमा नहीं किया जाएगा।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बैंकों के साथ सहयोग की नीति अपनाएगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले बैंकों को प्रोत्साहन मिलेगा, जबकि लोन रिकवरी में सभी बैंकों को सरकार की ओर से आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने बताया कि बैंकों की रैंकिंग और मूल्यांकन के लिए विस्तृत फॉर्मेट तैयार कर लिया गया है, जिसे सभी बैंकों को उपलब्ध कराया जाएगा। जनवरी माह तक की उपलब्धियों के आधार पर 11 बैंक 40 अंकों से अधिक हासिल कर चुके हैं, जबकि 23 बैंक 40 अंक से भी कम पर रहे हैं।