ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार में कुहासे का कहर: स्कॉर्पियो और ट्रक की जोरदार टक्कर, हादसे में चार लोग घायल बिहार में कुहासे का कहर: स्कॉर्पियो और ट्रक की जोरदार टक्कर, हादसे में चार लोग घायल BJP leader firing incident : सम्राट को चुनौती ! BJP नेता को ढूंढकर अपराधी बना रहे निशाना, अब पंचायत अध्यक्ष को मारी गोली Magha Mela 2026: प्रयागराज में लगने वाली माघ मेला को लेकर रेलवे ने कसी कमर, गयाजी स्टेशन पर सुरक्षा सख्त; RPF-GRP ने किया फ्लैग मार्च Magha Mela 2026: प्रयागराज में लगने वाली माघ मेला को लेकर रेलवे ने कसी कमर, गयाजी स्टेशन पर सुरक्षा सख्त; RPF-GRP ने किया फ्लैग मार्च Bihar Crime News: प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी का नेता अरेस्ट, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से जुड़े मामले में एक्शन Electricity Department Bihar : बिजली विभाग की टीम पर हमला, जूनियर इंजिनियर और लाइनमैन घायल Supaul road accident : बिहार के इस जिले में दर्दनाक सड़क हादसा, दो युवकों की मौके पर मौत; इलाके में शोक Patna Police Encounter : बिहार पुलिस का मिशन एनकाउंटर, सात महीनों में 15 मुठभेड़; दो ढेर और 14 को किया लंगड़ा; अपराधियों में खौफ RailOne App : रेलवे का बड़ा फैसला, UTS मोबाइल ऐप बंद; अब सिर्फ रेलवन ऐप से बुक होगी टिकट

Bihar model school scheme : बिहार में बनेंगे 572 मॉडल स्कूल, निजी स्कूलों से बेहतर शिक्षा देने की तैयारी

बिहार सरकार ने शिक्षा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्यभर में 572 मॉडल स्कूल बनाने का फैसला किया है। इन स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं, उत्कृष्ट शिक्षकों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के साथ निजी स्कूलों से बेहतर बनाया जाएगा।

Bihar model school scheme : बिहार में बनेंगे 572 मॉडल स्कूल, निजी स्कूलों से बेहतर शिक्षा देने की तैयारी

03-Jan-2026 07:41 AM

By First Bihar

Bihar model school scheme : बिहार सरकार ने राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। इसी वर्ष राज्य में कुल 572 मॉडल स्कूल विकसित किए जाएंगे। इसके तहत प्रत्येक जिले में एक-एक और राज्य के सभी 534 प्रखंडों में एक-एक विद्यालय को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। शिक्षा विभाग द्वारा ऐसे स्कूलों की पहचान कर ली गई है और सभी जिलों से सूची भी प्राप्त हो चुकी है। अब स्थलीय जांच के बाद इसी महीने अंतिम रूप से मॉडल स्कूलों के नाम तय किए जाएंगे।


मॉडल स्कूल के चयन के बाद इन विद्यालयों में आवश्यक संसाधनों का विकास किया जाएगा। शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से इन स्कूलों का संचालन पूर्ण रूप से मॉडल स्कूल के तौर पर शुरू हो जाए। सरकार की मंशा है कि ये मॉडल स्कूल न केवल सरकारी शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करें, बल्कि निजी स्कूलों से भी बेहतर उदाहरण प्रस्तुत करें।


प्रतियोगी परीक्षा की होगी विशेष तैयारी

मॉडल स्कूलों की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। विद्यार्थियों के स्तर के अनुसार बैच तैयार किए जाएंगे और विशेषज्ञ शिक्षकों के माध्यम से ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पढ़ाई कराई जाएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों को भी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के समान अवसर उपलब्ध कराना है।


शिक्षक और कक्षा व्यवस्था होगी मजबूत

इन मॉडल स्कूलों में छात्रों की संख्या के अनुसार कक्षा के सेक्शन बनाए जाएंगे और उसी अनुपात में शिक्षकों की तैनाती होगी। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (कक्षा 9-10) में न्यूनतम 8 शिक्षक, जबकि उच्च माध्यमिक विद्यालय (कक्षा 9 से 12) में न्यूनतम 16 शिक्षक अनिवार्य रूप से तैनात रहेंगे। यदि नामांकन अधिक होता है तो शिक्षकों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही विषयवार दक्ष और उत्कृष्ट माने जाने वाले शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी, ताकि पढ़ाई की गुणवत्ता में कोई कमी न रहे।


एआई और खेल में भी दक्ष होंगे बच्चे

मॉडल स्कूलों का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होगा। यहां बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आधुनिक तकनीक और डिजिटल लर्निंग से भी जोड़ा जाएगा। इसके अलावा खेल गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो सके। शिक्षा विभाग का मानना है कि पढ़ाई के साथ खेल और तकनीकी ज्ञान बच्चों के आत्मविश्वास और भविष्य की संभावनाओं को मजबूत करेगा।


आधुनिक आधारभूत संरचना का विकास

मॉडल स्कूल के रूप में उन्हीं विद्यालयों का चयन किया गया है, जहां परिसर में पर्याप्त जगह उपलब्ध हो। इन स्कूलों में अलग से बजट के माध्यम से आधारभूत संरचना विकसित की जाएगी। जरूरत के अनुसार नए वर्गकक्ष बनाए जाएंगे। जिन स्कूलों में पहले से पर्याप्त भवन या कक्ष उपलब्ध नहीं हैं, वहां नए भवन और अतिरिक्त कक्षों का निर्माण किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण में पढ़ाई का अवसर मिलेगा।


लाइब्रेरी और पुस्तकाध्यक्ष की व्यवस्था

हर मॉडल स्कूल में आधुनिक लाइब्रेरी विकसित की जाएगी, जहां प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी किताबें, संदर्भ ग्रंथ और अन्य उपयोगी अध्ययन सामग्री उपलब्ध रहेगी। इसके लिए पुस्तकाध्यक्ष की भी नियुक्ति की जाएगी, ताकि लाइब्रेरी का बेहतर संचालन हो सके और विद्यार्थी इसका अधिकतम लाभ उठा सकें।


अन्य स्कूलों के लिए बनेंगे आदर्श

प्रखंड और जिला स्तर पर विकसित किए जा रहे ये मॉडल स्कूल राज्य के अन्य सरकारी विद्यालयों के लिए आदर्श केंद्र के रूप में कार्य करेंगे। इन स्कूलों के प्रबंधन, शिक्षण पद्धति और नवाचारों को अन्य विद्यालयों में भी लागू करने का प्रयास किया जाएगा। इसके तहत अन्य स्कूलों के शिक्षकों को मॉडल स्कूलों का भ्रमण और प्रशिक्षण भी कराया जा सकता है, ताकि पूरे शिक्षा तंत्र में गुणवत्ता का समान स्तर विकसित हो सके।


शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव

शिक्षा विभाग का मानना है कि यह पहल बिहार की स्कूली शिक्षा में बड़ा परिवर्तन लाएगी। मॉडल स्कूलों के जरिए न केवल विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि सरकारी स्कूलों के प्रति आम लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा। यदि यह योजना सफल रही, तो आने वाले वर्षों में बिहार शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान बना सकता है। कुल मिलाकर, 572 मॉडल स्कूलों की यह योजना बिहार के लाखों छात्रों के भविष्य को संवारने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।