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29-Nov-2025 09:05 AM
By First Bihar
Beur Jail Raid : पटना के अति संवेदनशील बेऊर केंद्रीय कारा में शनिवार तड़के पुलिस और जिला प्रशासन ने एक व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। यह कार्रवाई सुबह करीब 5 बजे तब शुरू हुई, जब जेल के सभी बंदी अपने-अपने वार्डों में बंद थे। शहर में बढ़ती आपराधिक वारदातों और कई घटनाओं के तार जेल में बंद अपराधियों से जुड़ने की आशंका के मद्देनज़र, यह छापेमारी अहम मानी जा रही है।
इस संयुक्त अभियान का नेतृत्व सिटी एसपी पूर्वी, सिटी एसपी मध्य और एडीएम पटना ने किया। उनके साथ भारी संख्या में पुलिस बल, मजिस्ट्रेट, जिला प्रशासन के अधिकारी और जेलकर्मी मौजूद थे। तड़के शुरू हुई इस कार्रवाई में जेल के लगभग सभी बैरकों और वार्डों की सघन तलाशी ली गई।
अपराधियों की गतिविधियों पर बढ़ी नजर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ समय से पटना और आसपास के जिलों में हत्या, लूट, रंगदारी, डकैती और फायरिंग की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। कई मामलों में पुलिस को शक है कि इन वारदातों को अंजाम देने में जेल में बंद कुछ कुख्यात अपराधियों की भूमिका रही है। सूत्रों का कहना है कि जेल के अंदर से मोबाइल फोन के जरिए बाहरी दुनिया से संपर्क साधकर कई अपराधी अपने गिरोह को निर्देश देते रहे हैं। इसी वजह से बेऊर जेल प्रशासन पहले से ही हाई अलर्ट पर था। माना जा रहा है कि इन्हीं इनपुट के आधार पर शनिवार को विशेष छापेमारी की योजना तैयार की गई।
सुबह 5 बजे शुरू हुआ ऑपरेशन
छापेमारी अभियान सुबह लगभग 5 बजे शुरू हुआ। जेल का मुख्य गेट बंद कर दिया गया और किसी भी व्यक्ति को अंदर-बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। सबसे पहले सुरक्षा बल के जवानों ने जेल परिसर को चारों ओर से घेर लिया। इसके बाद सभी वार्डों, बैरकों, कैंटीन, अस्पताल, मुलाक़ात कक्ष और उन जगहों की तलाशी शुरू की गई, जहां अवैध सामान छिपाने की आशंका रहती है।
वार्डों में मौजूद बंदियों को एक जगह इकट्ठा किया गया और उसके बाद क्रमवार तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान संदिग्ध स्थानों पर मेटल डिटेक्टर का इस्तेमाल किया गया। कई जगहों पर पुलिस को दीवारों और बिस्तरों सहित छिपे हुए हिस्सों में भी जांच करनी पड़ी।
क्या बेऊर जेल से जुड़ी हैं कई वारदातें?
हाल के दिनों में पटना में हुई घटनाओं—गोलियों की तड़तड़ाहट, हत्या, लूट और बड़े गैंगवार जैसी वारदातों की जांच में यह बात सामने आई थी कि कई अपराधी जेल में बैठकर अपने गुर्गों को निर्देश दे रहे थे। ऐसे मामलों में कई कुख्यात अपराधियों का नाम सामने आ चुका है, जो पहले भी बेऊर जेल के अंदर मोबाइल और अन्य प्रतिबंधित सामान के साथ पकड़े जा चुके हैं। इसी आधार पर प्रशासन को शक था कि किसी बड़े अपराधी गिरोह का संचालन जेल के अंदर से हो रहा है। इन आशंकाओं के मद्देनज़र यह छापेमारी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बरामदगी का खुलासा छापेमारी समाप्त होने के बाद
समाचार लिखे जाने तक पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार तलाशी में जुटी हुई थी। अधिकारियों ने कहा है कि छापेमारी पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट किया जा सकेगा कि तलाशी में क्या-क्या सामान मिला है। सिटी एसपी पूर्वी ने बताया—“छापेमारी अब भी जारी है। तलाशी समाप्त होने के बाद ही बरामदगी से संबंधित विस्तृत जानकारी दी जाएगी। हमारा उद्देश्य जेल में मौजूद ऐसी सभी वस्तुओं को हटाना है, जिनका इस्तेमाल अपराधी घटनाओं को अंजाम देने में कर सकते हैं।”
सूत्रों का दावा है कि पुलिस को इस सर्च ऑपरेशन से कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। बरामदगी में अवैध मोबाइल फोन, सिम कार्ड, चार्जर, धारदार हथियार, नशीले पदार्थ या अन्य प्रतिबंधित सामग्री मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अधिकारी आधिकारिक घोषणा के बाद ही किसी जानकारी की पुष्टि करेंगे।
लगातार निगरानी के संकेत
यह पहली बार नहीं है जब बेऊर जेल में छापेमारी हुई हो। इससे पहले भी कई बार जेल में तलाशी अभियान चलाया जा चुका है। लेकिन इस बार की छापेमारी कुछ ज्यादा बड़े पैमाने पर है। पुलिस का कहना है कि आने वाले समय में भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी ताकि जेल के अंदर से चल रहे आपराधिक नेटवर्क को खत्म किया जा सके। प्रशासन का प्रयास है कि जेल पूरी तरह से कानून के अनुरूप संचालित हो और बंदियों को किसी प्रकार की अवैध गतिविधि करने का मौका न मिले।
बेऊर जेल में शनिवार सुबह हुई यह छापेमारी पटना में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं और जेल से संचालित होने वाले संभावित अपराध नेटवर्क को खत्म करने के लिए ऐसी कार्रवाई बेहद जरूरी है आने वाले समय में इस तलाशी अभियान की बरामदगी और आगे की कानूनी कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि बेऊर जेल में अपराधी किस हद तक सक्रिय थे और पुलिस इस दिशा में कितनी प्रभावी कार्रवाई कर पाई है।