Republic Day 2026 : देश भर में आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह, देशभक्ति और गरिमा के साथ मनाया जा रहा है। राजधानी सहित हर छोटे-बड़े शहर, कस्बे और गांव में तिरंगा फहराया गया और राष्ट्रगान के साथ देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों को नमन किया गया। सरकारी भवनों, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आवासीय परिसरों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां लोगों ने देश के संविधान और उसके आदर्शों को याद किया।
राजधानी में भी 77वें गणतंत्र दिवस का आयोजन भव्य और अनुशासित तरीके से किया गया। बिहार विधानसभा परिसर में आयोजित मुख्य समारोह में विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने झंडोतोलन किया और तिरंगे को सलामी दी। झंडोतोलन के बाद राष्ट्रगान गाया गया, जिससे पूरा परिसर देशभक्ति के भाव से गूंज उठा। इस दौरान विधानसभा के अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक मौजूद रहे।
झंडोतोलन के उपरांत विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने उपस्थित लोगों और प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे संविधान, लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों का प्रतीक है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि देश की आज़ादी केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि एक सतत जिम्मेदारी है, जिसे निभाने के लिए हर नागरिक को ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहना चाहिए।
उन्होंने संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर और अन्य महान नेताओं की दूरदर्शिता के कारण ही आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बना है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती जनता की भागीदारी, पारदर्शी शासन और कानून के सम्मान से आती है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ आम नागरिकों की भी अहम भूमिका होती है।
प्रेम कुमार ने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्र सेवा को अपने जीवन का लक्ष्य बनाएं। उन्होंने कहा कि आज का युवा ही कल का भविष्य है और देश की प्रगति युवाओं की सोच, मेहनत और नवाचार पर निर्भर करती है। साथ ही उन्होंने सामाजिक सौहार्द, आपसी भाईचारे और संविधान में निहित समानता के सिद्धांतों को अपनाने पर जोर दिया।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर विधानसभा परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। तिरंगे के रंगों से सजी इमारतें और देशभक्ति गीतों की गूंज ने माहौल को और भी उल्लासपूर्ण बना दिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा का संकल्प लिया।
कुल मिलाकर, राजधानी में मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस समारोह न केवल एक औपचारिक आयोजन था, बल्कि यह देश के संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति सामूहिक सम्मान और प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर सामने आया।