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10-Dec-2025 02:05 PM
By FIRST BIHAR
Bihar News: बिहार के पश्चिम चंपारण जिला प्रशासन ने भ्रष्टाचार और सरकारी कार्यों में फर्जीवाड़े के दो पुराने मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो राजस्व कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। डीएम धर्मेंद्र कुमार ने ठकराहा और पिपरासी अंचल में तैनात दोनों कर्मियों की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है।
पहले मामले में, राजस्व कर्मचारी जगई राम को निगरानी विभाग ने 1 नवंबर 2017 को रामनगर अंचल में 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उन्होंने महुई निवासी शिकायतकर्ता रविकेश पांडेय से जमीन की रसीद काटने के लिए 10 हजार रुपये की अवैध मांग की थी।
विभागीय जांच के दौरान जगई राम ने दावा किया कि उन्होंने गिरफ्तारी से एक दिन पहले, 31 अक्टूबर 2017 को ही रसीद काट दी थी और लिया गया पैसा लगान की बकाया राशि थी। जांच में यह दावा असत्य साबित हुआ, क्योंकि उसी तारीख को शिकायतकर्ता पटना के निगरानी कार्यालय में मौजूद थे। डीएम ने आरोप सिद्ध होने पर जगई राम को सरकारी सेवा के अयोग्य मानते हुए बर्खास्त किया।
वहीं दूसरे मामले में, पिपरासी में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी अब्दुल समद अंसारी पर बगहा-1 अंचल में कार्यरत रहने के दौरान 52 वर्षों की रसीद एक साथ काटने, सरकारी दस्तावेज फाड़ने और जमाबंदी में फर्जीवाड़ा करने के आरोप थे। सुनवाई में कई आरोप प्रमाणित पाए गए, जिसके बाद उन्हें भी सेवा से निष्कासित कर दिया गया।
दोनों मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई के बाद जिले के सरकारी कर्मचारियों में हड़कंप मचा है। डीएम ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के किसी भी पुराने मामले में भी दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी और किसी भ्रष्ट अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।