कमिश्नर के औचक निरीक्षण से SKMCH में मचा हड़कंप: बदहाली देख भड़के गिरिवर दयाल सिंह, अधीक्षक की गैरमौजूदगी पर उठाए सवाल होली पर बिहार के लिए दिल्ली समेत कई राज्यों से चलेगी 200 स्पेशल बसें, 1 फरवरी से बुकिंग शुरू मधेपुरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: कुख्यात भू-माफिया अविनाश आनंद पटना से गिरफ्तार बिहार की टिकरी मिठाई के विदेश तक दीवाने, नेपाल-भूटान में भी सिहौल का स्वाद सुपौल में शराब छापेमारी के दौरान उत्पाद विभाग की टीम पर हमला, महिला ASI घायल; 7 गिरफ्तार RBI recruitment: 10वीं पास के लिए RBI में निकली बहाली, 572 पदों के लिए आवेदन शुरू; यहां जानें पूरी प्रक्रिया RBI recruitment: 10वीं पास के लिए RBI में निकली बहाली, 572 पदों के लिए आवेदन शुरू; यहां जानें पूरी प्रक्रिया पटना में नीट छात्रा की मौत के मामले में बेपर्दा हो गई पुलिस? पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बड़ा खुलासा, SSP और ASP के बयानों से उठे बेहद गंभीर सवाल Antibiotic Resistance: मानव शरीर पर बेअसर साबित हो रहीं एंटीबायोटिक दवाएं, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा Antibiotic Resistance: मानव शरीर पर बेअसर साबित हो रहीं एंटीबायोटिक दवाएं, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा
15-Jan-2026 10:40 PM
By MANOJ KUMAR
MUZAFFARPUR: उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल, श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) की व्यवस्था सुधारने के दावों की पोल उस वक्त खुल गई, जब तिरहुत प्रमंडल के कमिश्नर गिरिवर दयाल सिंह ने वहां औचक निरीक्षण किया। कमिश्नर के अचानक पहुंचने से पूरे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की जो तस्वीर सामने आई, उसने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
गंदगी और नदारद डॉक्टर: कमिश्नर का पारा चढ़ा
कमिश्नर गिरिवर दयाल सिंह ने निरीक्षण की शुरुआत में महज तीन वार्डों का जायजा लिया। वहां चारों तरफ पसरी गंदगी और वार्डों में डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों की अनुपस्थिति देख वह बुरी तरह भड़क गए। मरीजों और उनके परिजनों ने कमिश्नर से अस्पताल की बदहाली और इलाज में होने वाली देरी की शिकायत की। कमिश्नर ने पाया कि ड्यूटी रोस्टर के बावजूद कई डॉक्टर अपनी सीट से गायब थे, जिससे गरीब मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
अधीक्षक पर सख्त रुख: 'क्या मुजफ्फरपुर में नहीं रहते?'
निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कमिश्नर लगभग डेढ़ घंटे तक अस्पताल परिसर में रहे, लेकिन इस दौरान अस्पताल के अधीक्षक (Superintendent) उनसे मिलने नहीं पहुंचे। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कमिश्नर ने कहा, "मैं पिछले डेढ़ घंटे से निरीक्षण कर रहा हूं, लेकिन अधीक्षक महोदय का कहीं पता नहीं है। उनकी अनुपस्थिति देखकर ऐसा लगता है कि वे शायद मुजफ्फरपुर में रहते ही नहीं हैं।" उन्होंने इस अनुशासनहीनता को गंभीर माना और इसकी जांच के आदेश दिए।
15 दिनों का अल्टीमेटम: सुधरें या कार्रवाई के लिए तैयार रहें
अस्पताल की जर्जर स्थिति और प्रशासनिक लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए कमिश्नर गिरिवर दयाल सिंह ने SKMCH प्रशासन को 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि 15 दिनों के भीतर अस्पताल की सफाई व्यवस्था से लेकर डॉक्टरों की उपस्थिति और दवाइयों की उपलब्धता तक, हर सुविधा सुचारू हो जानी चाहिए।
कमिश्नर ने कहा, "सिस्टम को जल्द से जल्द सुधार लें। स्थिति बहुत खराब है और अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि तय समय में सुधार नहीं दिखा, तो जवाबदेही तय करते हुए संबंधित अधिकारियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।" इस निरीक्षण के बाद पूरे मेडिकल कॉलेज में खलबली मची हुई है। अब देखना यह है कि कमिश्नर की इस फटकार के बाद SKMCH की सूरत बदलती है या व्यवस्था पहले की तरह ही ढर्रे पर चलती रहती है।



