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04-Mar-2025 10:20 AM
By First Bihar
Muzaffarpur News : बिहार में विधानसभा चुनाव नवंबर में प्रस्तावित है और चुनावी तैयारियां भी शुरू हो चुकी है। इस बीच मुजफ्फरपुर समाहरणालय में कचरे में फेंके गए वोटर आइकार्ड मिलने से कई तरह के सवाल उठने शुरू हो गए हैं। नगर निगम के सफाई कर्मी जब कचरा साफ कर रहे थे तो कचरे के ढेर में सैकड़ों मतदाता पहचान पत्र फेंके मिले।
मतदाता पहचान पत्र (वोटर आइकार्ड) समाहरणालय परिसर में कचरे से चुन कर सफाईकर्मियों ने एक बॉक्स में रख दिया। सफाईकर्मी रामसेवक राम ने बताया कि सुबह जब सफाई करने के बाद कचरा उठाने पहुंचे तो कचरे के ढेर पर सैकड़ों वोटर आइडकार्ड फेंके हुए मिले। सभी कार्ड को अलग कर रख दिए हैं। इस संबंध में जब निर्वाचन कार्यालय के कर्मियों से जानकारी ली गई तो अनभिज्ञता जाहिर की। हालांकि उपनिर्वाचन अधिकारी सत्यप्रिय कुमार ने कहा है कि अब कलर वोटर कार्ड आ गया है। यह सभी पुराना ब्लैक एंड वाइट कार्ड है, इसलिए फेंक दिया गया होगा। लेकिन, किसी के गोपनीय कार्ड को इस तरह कचरे में फेंकना गलत बात है।
इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पता चला है कि कचरे में फेंके गए मतदाता पहचान पत्र कटरा, गायघाट, कांटी और औराई विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं के हैं। बता दें कि बिहार में विधानसभा चुनाव अक्टूबर-नवंबर में में संभावित है। इस बीच मतदाता पहचान पत्रों को इस तरह फेंके जाने से क्षेत्र के लोगों में रोष है और इसको लेकर कई तरह की चर्चाएं भी रहे रही है।
लोगों की पहचान को गोपनीय रखने के बजाय उसे कचरे में फेंक दिया जाना निर्वाचन कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही को दर्शाता है। इस तरह फेंके गए पहचान पत्र का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड से लेकर कई अवैध कार्यों में किया जा सकता है। यह बेहद संवेदनशील मामला है, जिसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।