ब्रेकिंग न्यूज़

महिलाओं को 10 हजार देने पर कांग्रेस ने नीतीश सरकार को घेरा, कहा..सरकार को पैसे देकर वोट लेने का लगा चस्का गयाजी जंक्शन पर बड़ा हादसा: महाबोधि एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान दो यात्रियों की मौत, सीट लूटने के चक्कर में गई जान गयाजी जंक्शन पर बड़ा हादसा: महाबोधि एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान दो यात्रियों की मौत, सीट लूटने के चक्कर में गई जान एक दूल्हा ऐसा भी: दहेज में मिले 21 लाख रुपये लौटाए, कहा..विवाह कोई सौदा नहीं बिहार में बेखौफ हुए अपराधी: नकाबपोश बदमाशों ने घर में की जमकर लूटपाट, बमबाजी से दहला इलाका Vaibhav Suryavanshi: वैभव सूर्यवंशी इस साल नहीं देंगे मैट्रिक की परीक्षा, सामने आई यह बड़ी वजह Vaibhav Suryavanshi: वैभव सूर्यवंशी इस साल नहीं देंगे मैट्रिक की परीक्षा, सामने आई यह बड़ी वजह हजारीबाग में डबल मर्डर से सनसनी, घर में घुसकर बुजुर्ग दंपत्ति की गला रेतकर हत्या पश्चिम बंगाल के 7 अधिकारी को चुनाव आयोग ने किया सस्पेंड, पावर का गलत उपयोग करने का आरोप Bihar Board 10th Exam 2026: बिहार में कल से शुरु होगी 10वीं बोर्ड की परीक्षा, जानें पूरी गाइडलाइन

मुजफ्फरपुर में 9 लाख से अधिक महिलाओं को मिला मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का लाभ, सकरा की जीविका दीदी ने साझा किया अनुभव

Nitish Kumar ने महिला रोजगार योजना के तहत DBT के माध्यम से करोड़ों रुपये महिलाओं के खातों में भेजा। Muzaffarpur के सकरा प्रखंड की जीविका दीदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपना अनुभव साझा कर मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।

बिहार न्यूज

16-Feb-2026 02:53 PM

By MANOJ KUMAR

MUZAFFARPUR: सकरा के महदीपुर निवासी , जीविका दीदी श्रीमती चंदू भारती ने मुख्यमंत्री के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समारोह में अपना अनुभव शेयर की। जीविका दीदियों के लिए नीतीश कुमार द्वारा  किए जा रहे कार्य को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने सभी दीदियों की तरफ से आभार प्रकट की। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से मुजफ्फरपुर की 9 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हुई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सकरा की जीविका दीदी ने अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। मुजफ्फरपुर के डीएम सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि लाभार्थी नहीं, अब सफल उद्यमी दीदियां बन रही हैं।


महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वावलंबन की दिशा में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना एक प्रभावी पहल के रूप में उभरकर सामने आई है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में पटना में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्यभर की 25 लाख महिला लाभुकों के खाते में प्रति लाभुक 10 हजार रुपये की दर से कुल 2500 करोड़ रुपये की राशि का डीबीटी के माध्यम से अंतरण किया गया। यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम  है।


इस अवसर पर मुजफ्फरपुर जिले के सकरा प्रखंड के महदीपुर निवासी जीविका दीदी श्रीमती चंदू भारती ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री के समक्ष अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने योजना को महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने वाली क्रांतिकारी पहल बताते हुए सभी जीविका दीदियों की ओर से मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की इस पहल से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है और वे अब अपने पैरों पर खड़ी होकर परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रही हैं।


कार्यक्रम के दौरान आज मुजफ्फरपुर जिले के 1,35,000 लाभुकों के खाते में कुल 1,35,00,00,000 (135 करोड़) रुपये की राशि का अंतरण किया गया। जिले में इस योजना के तहत अब तक कुल 9,04,637 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा चुका है। चरणबद्ध तरीके से इन सभी लाभार्थियों के खाते में कुल 9,04,67,30,000 रुपये की राशि स्थानांतरित की गई है, जो जिले में महिलाओं के आर्थिक उत्थान का एक सशक्त उदाहरण है।


योजना के अंतर्गत विभिन्न तिथियों को भी बड़ी संख्या में महिलाओं के खाते में राशि का अंतरण किया गया। 26 सितंबर 2025 को 3,41,211 लाभार्थियों के खाते में 341,21,10,000 रुपये की राशि हस्तांतरित की गई। 3 अक्टूबर 2025 को 97,448 लाभार्थियों को 97,44,80,000 रुपये प्रदान किए गए। 24 अक्टूबर 2025 को 1,60,585 महिलाओं के खाते में 1,60,58,50,000 रुपये की राशि अंतरण की गई। 31 अक्टूबर 2025 को 7,548 लाभार्थियों को 7,54,80,000 रुपये मिले। 28 नवंबर 2025 को 50,547 लाभार्थियों के खाते में 50,54,70,000 रुपये तथा 11 दिसंबर 2025 को 17,670 लाभार्थियों को 17,67,00,000 रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई। इन सभी चरणों में डीबीटी के माध्यम से पारदर्शी तरीके से राशि का अंतरण सुनिश्चित किया गया।


डीएम सहित कई अन्य अधिकारी एवं दीदी ऐतिहासिक पल के साक्षी बने


पटना में आयोजित मुख्य समारोह से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुजफ्फरपुर समाहरणालय में जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन, उप विकास आयुक्त श्री श्रेष्ठ अनुपम, जिला परियोजना प्रबंधक जीविका श्रीमती अनीशा सहित बड़ी संख्या में जीविका दीदियां जुड़ी रहीं। सभी ने इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनते हुए मुख्यमंत्री की पहल की सराहना की।


जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने इस अवसर पर सभी जीविका दीदियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल एवं मंगलमय भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के माध्यम से महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक जीवन में व्यापक परिवर्तन आया है। पहले जो महिलाएं केवल लाभार्थी के रूप में देखी जाती थीं, आज वे सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं। वे न केवल अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराकर सामूहिक सशक्तिकरण की मिसाल कायम कर रही हैं।


जिलाधिकारी ने कहा कि यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ सामाजिक बदलाव का भी प्रतीक है। गांव से लेकर शहर तक महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर नई कहानी गढ़ रही हैं और बिहार की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रशासन द्वारा जीविका दीदियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है और उनके स्वरोजगार कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।


मुजफ्फरपुर जिले में जीविका दीदियों की सफलता की कई प्रेरक कहानियां सामने हैं। महिलाएं सिलाई-कढ़ाई, डेयरी, नर्सरी, कृषि आधारित गतिविधियों तथा अन्य लघु उद्यमों से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। कई दीदियां समूह के माध्यम से सामूहिक उत्पादन और विपणन कर अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं। इसके अतिरिक्त कई सरकारी संस्थानों में ‘दीदी की रसोई’ के संचालन, भवनों एवं कपड़ों की साफ-सफाई, तथा अन्य बहुधंधी कार्यों में भी जीविका दीदियां सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।


इन पहलों के परिणामस्वरूप महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि समाज में उनकी प्रतिष्ठा और निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ी है। परिवार और समाज में उनकी भूमिका सशक्त हुई है। आर्थिक स्वतंत्रता ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया है और वे शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।


मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना ने मुजफ्फरपुर जिले में महिला सशक्तिकरण की नई इबारत लिखी है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के माध्यम से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए सरकार ने महिलाओं तक सीधा आर्थिक सहयोग पहुंचाया है। यह पहल न केवल आर्थिक सहायता का माध्यम है, बल्कि आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन की दिशा में एक ठोस कदम भी है।


आज मुजफ्फरपुर की जीविका दीदियां यह साबित कर रही हैं कि यदि अवसर और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। मुख्यमंत्री की इस पहल ने उन्हें एक नई पहचान दी है और वे अपने श्रम, लगन और आत्मविश्वास से विकास की नई गाथा लिख रही हैं।