आरा में करोड़ों की टैक्स चोरी का खुलासा, 3 कपड़ा कारोबारियों पर GST की रेड पटना में गोल का मेगा मोटिवेशनल सेमिनार, 1000+ छात्रों ने सीखा NEET-JEE क्रैक करने का मंत्र दरभंगा में बच्ची से रेप-हत्या मामला: पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद बोले प्रशांत किशोर, कहा..बिहार में अधिकारियों का जंगलराज बिहार में फार्मर रजिस्ट्री ने पार किया 40 लाख का आंकड़ा, 47.8% लक्ष्य पूरा Rajpal Yadav: जेल में बंद एक्टर राजपाल यादव, घर में हो रही जश्न की तैयारी; क्या है वजह? Rajpal Yadav: जेल में बंद एक्टर राजपाल यादव, घर में हो रही जश्न की तैयारी; क्या है वजह? BIHAR CRIME: महिला को पिस्टल दिखाते बेगूसराय का वीडियो वायरल, युवक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज SUCCESS STORY: कौन हैं थान्या नाथन? बचपन से 100% ब्लाइंड, फिर भी बन गईं राज्य की पहली महिला जज; जानें मधुबनी में अवैध दवा कारोबार पर छापा, सूखे नशे के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई Bihar Crime News: पथ निर्माण विभाग का क्लर्क निकला किडनैपर, मामला जानकर हैरान रह जाएंगे
11-Feb-2026 05:57 PM
By FIRST BIHAR
Bihar News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी के लगातार एक्शन के बावजूद सरकारी अधिकारी और कर्मचारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मधुबनी से सामने आया है, जहां निगरानी विभाग की टीम ने पंचायती राज विभाग के जेई को घूस लेने रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।
दरअसल, निगरानी विभाग को सूचना मिली थी कि मधुबनी के कलुआही प्रखंड में तैनात पंचायती राज विभाग के जूनियर इंजीनियर हरिशंकर प्रसाद भ्रष्टाचार में लिप्त है। निगरानी में जेई के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद पहले उसकी जांच की गई। शुरुआती जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद निगरानी की टीम पटना से मधुबनी पहुंची।
निगरानी विभाग के डीएसपी मो. वसीम के नेतृत्व में टीम ने घूसखोर जेई को गिरफ्तार करने के लिए जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी जेई पीड़ित से 12 हजार रुपए रिश्वत के तौर पर ले रहा था, निगरानी की टीम ने धावा बोल दिया और जेई को घूस के पैसों के साथ रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। निगरानी की कार्रवाई से जिले भर के भ्रष्ट अधिकारी और कर्मियों में हरकंप मच गया है।
आरोपी जेई से पूछताछ के बाद निगरानी की टीम उसे अपने साथ लेकर पटना चली गई, जहां उसे निगरानी की स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा। टीम का नेतृत्व डीएसपी एमडी वसीम फिरोज कर रहे थे। टीम में निगरानी इंस्पेक्टर योगेंद्र कुमार, सहायक अवर निरीक्षक देवेंद्र कुमार, सिपाही पंकज कुमार, सिपाही धर्मवीर पासवान और कंप्यूटर आपरेटर चंदन कुमार शामिल थे।