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Bihar News: बिहार के किसानों को कम समय में लखपति बना सकता है यह काम, सरकार की तरफ से भी मिल रही मदद

Bihar News: बिहार सरकार की मदद से इस बिजनेस के जरिए बेहद कम लागत में किसान बढ़िया मुनाफा कमा सकता हैं। यह व्यवसाय कई लोगों को पहले ही आर्थिक रूप से मजबूत बना चुका है..

Bihar News

19-Nov-2025 03:47 PM

By First Bihar

Bihar News: बिहार के किसान अब पारंपरिक खेती के अलावा एक ऐसा व्यवसाय भी शुरू कर सकते हैं जो कम लागत में लाखों की कमाई का जरिया बनने की ताकत रखता है। राज्य सरकार ने मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष योजना चलाई है, जिसमें 50 प्रतिशत सब्सिडी पर मधुमक्खी बॉक्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह व्यवसाय शहद उत्पादन से भी लाभ देता है और मोम, पोलन, रॉयल जेली तथा मधुमक्खी के विष जैसे उत्पादों से भी अच्छी आय सुनिश्चित करता है। ऐसे में जहानाबाद जिले में इस साल 1500 बॉक्स का लक्ष्य रखा गया है, यह कदम किसानों को कम समय में ज्यादा से ज्यादा आर्थिक मजबूती प्रदान करेगा।


उद्यान विभाग के अधिकारियों के अनुसार मधुमक्खी पालन जैव विविधता को बढ़ावा देता है और खेती की उपज को भी बेहतर बनाता है। एक यूनिट की लागत मात्र 4000 रुपये है, जिसमें सरकार आधी राशि देगी। छत्ता यूनिट पर 2000 रुपये और मधु निष्कासन यंत्र व फूड ग्रेड कंटेनर पर 20,000 रुपये प्रति सेट की सब्सिडी मिलेगी। योजना का लाभ उठाने के लिए उद्यान विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जहां चयन लॉटरी प्रक्रिया से की जाएगी।


यह व्यवसाय शुरू करने में ज्यादा पूंजी की जरूरत नहीं पड़ती है। एक छोटे स्तर पर भी किसान यदि चाहे तो सालाना 2-3 लाख तक कमा सकता है। शहद की बाजार में मांग हमेशा बनी रहती है, जबकि अन्य उत्पादों से भी अतिरिक्त लाभ होता है। सरकार ने किसानों को प्रशिक्षण और बाजार लिंकेज भी उपलब्ध कराने का वादा किया है। जहानाबाद जैसे जिलों में लक्ष्य पूरा होने पर अन्य क्षेत्रों में भी इसका विस्तार किया जाएगा।


किसानों को सलाह है कि वे जल्द आवेदन करें और मौके का फायदा उठाएं क्योंकि बॉक्स सीमित संख्या में ही उपलब्ध हैं। यह योजना आर्थिक स्वावलंबन सिखाती है और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देती है। बिहार के ग्रामीण इलाकों में यह व्यवसाय लाखों परिवारों की जिंदगी बदल सकता है।

Bihar News: बिहार के किसान अब पारंपरिक खेती के अलावा एक ऐसा व्यवसाय भी शुरू कर सकते हैं जो कम लागत में लाखों की कमाई का जरिया बनने की ताकत रखता है। राज्य सरकार ने मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष योजना चलाई है, जिसमें 50 प्रतिशत सब्सिडी पर मधुमक्खी बॉक्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह व्यवसाय शहद उत्पादन से भी लाभ देता है और मोम, पोलन, रॉयल जेली तथा मधुमक्खी के विष जैसे उत्पादों से भी अच्छी आय सुनिश्चित करता है। ऐसे में जहानाबाद जिले में इस साल 1500 बॉक्स का लक्ष्य रखा गया है, यह कदम किसानों को कम समय में ज्यादा से ज्यादा आर्थिक मजबूती प्रदान करेगा।


उद्यान विभाग के अधिकारियों के अनुसार मधुमक्खी पालन जैव विविधता को बढ़ावा देता है और खेती की उपज को भी बेहतर बनाता है। एक यूनिट की लागत मात्र 4000 रुपये है, जिसमें सरकार आधी राशि देगी। छत्ता यूनिट पर 2000 रुपये और मधु निष्कासन यंत्र व फूड ग्रेड कंटेनर पर 20,000 रुपये प्रति सेट की सब्सिडी मिलेगी। योजना का लाभ उठाने के लिए उद्यान विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जहां चयन लॉटरी प्रक्रिया से की जाएगी।


यह व्यवसाय शुरू करने में ज्यादा पूंजी की जरूरत नहीं पड़ती है। एक छोटे स्तर पर भी किसान यदि चाहे तो सालाना 2-3 लाख तक कमा सकता है। शहद की बाजार में मांग हमेशा बनी रहती है, जबकि अन्य उत्पादों से भी अतिरिक्त लाभ होता है। सरकार ने किसानों को प्रशिक्षण और बाजार लिंकेज भी उपलब्ध कराने का वादा किया है। जहानाबाद जैसे जिलों में लक्ष्य पूरा होने पर अन्य क्षेत्रों में भी इसका विस्तार किया जाएगा।


किसानों को सलाह है कि वे जल्द आवेदन करें और मौके का फायदा उठाएं क्योंकि बॉक्स सीमित संख्या में ही उपलब्ध हैं। यह योजना आर्थिक स्वावलंबन सिखाती है और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देती है। बिहार के ग्रामीण इलाकों में यह व्यवसाय लाखों परिवारों की जिंदगी बदल सकता है।