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10-Jul-2025 08:06 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार के गयाजी जिले के अतरी प्रखंड में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के विधायक रंजीत यादव की एक सभा में विवादित नारा "भूरा बाल साफ करो" लगने से क्षेत्र में सियासी घमासान मच गया है। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है। वीडियो में मंच पर मौजूद एक व्यक्ति, जो कि सभा में उपस्थित विधायक रंजीत यादव की मौजूदगी में नारा लगा रहा है, उसने आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव का हवाला देते हुए कहा, "लालू यादव ने शुरू में कहा था, भूरा बाल साफ करो। अब वही समय आ गया है।" इसके बाद सभा में तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई दी।
इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और सियासी विरोधाभास बढ़ गया है। विधायक रंजीत यादव ने इस नारे को जोरदार तरीके से नकारते हुए कहा है कि यह नारा मुनारिक यादव नामक एक व्यक्ति ने दिया था, जो न तो उनका समर्थक है और न ही आरजेडी का सदस्य। विधायक ने इस बयान की कड़ी निंदा की है और कहा कि उनकी पार्टी आरजेडी ए टू जेड एक समावेशी पार्टी है जो जातिगत भेदभाव के खिलाफ है।
दरअसल, यह घटना मंगलवार को अतरी प्रखंड की सीढ़ पंचायत के शिवाला में हुई थी, जहां विधायक रंजीत यादव के नेतृत्व में पंचायत भवन के खेल मैदान को दूसरे स्थान पर बनाए जाने के विरोध में धरना प्रदर्शन चल रहा था। इसी दौरान सहोडा पंचायत की मुखिया फोटो देवी के पति मुनारिक यादव ने विवादित नारा लगाया। इस वीडियो के वायरल होने के बाद स्थानीय जनता में आक्रोश व्याप्त है और विपक्षी दल भी इस घटना को लेकर आरजेडी पर हमला बोल रहे हैं।
यह नारा 1990 के दशक में बिहार की राजनीति में काफी चर्चित रहा। उस समय लालू प्रसाद यादव का सत्ता में प्रभाव था और यह नारा पिछड़ी जातियों के माध्यम से सवर्ण जातियों के खिलाफ एक तरह का राजनीतिक संदेश माना जाता था। "भूरा बाल" से तात्पर्य मुख्य रूप से भूमिहार, राजपूत, ब्राह्मण और कायस्थ जातियों से होता है। इस नारे का उपयोग जातिगत तनाव पैदा करने के लिए किया जाता था, जिससे पिछड़ी जातियों के वोट बैंक को एकजुट किया जा सके। हालांकि, आरजेडी ने हमेशा से इस नारे को अपने पार्टी के विचारों से अलग बताया है और इसे नकारा है। हालांकि इसकी पुष्टि फस्ट बिहार झारखंड नहीं करता है।
इस घटना ने न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि राज्य राजनीति में भी हलचल मचा दी है। विपक्षी दल इस मामले को लेकर आरजेडी और उसके नेताओं की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, आरजेडी नेतृत्व ने साफ किया है कि पार्टी जातिगत द्वेष या भेदभाव के खिलाफ है और ऐसे नारे पार्टी की विचारधारा के विपरीत हैं। क्षेत्रीय नेताओं और प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शांति बनाये रखने की अपील की है। स्थानीय पुलिस भी इस घटना की जांच में जुटी हुई है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।