ब्रेकिंग न्यूज़

बड़ा हादसा टला: रामनवमी जुलूस के दौरान तेज आंधी तूफान से बीच सड़क पर गिर गया एलईडी गेट, डाकबंगला में मची अफरातफरी बिहार में शराबबंदी कानून की उड़ाई जा रही धज्जियां, समस्तीपुर मेले में काउंटर लगाकर खुलेआम बिक रही शराब दरभंगा में एम्स निर्माण को मिली रफ्तार, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की ओर बढ़ा बिहार: मंगल पांडेय रामनवमी शोभा यात्रा देख घर लौट रहे दो दोस्त सड़क हादसे के शिकार, एक की मौत, दूसरे की हालत नाजुक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत लगाएंगे जनता दरबार, कहा..समस्याओं का होगा तुरंत समाधान वैशाली में चलती कार से अपहरण, स्कॉर्पियो सवार बदमाश फरार पटना के रामकृष्णा नगर में बड़ी कार्रवाई: 25 KG ड्रग्स के साथ दो धंधेबाज गिरफ्तार सुपौल में ‘पनोरमा स्टार 2026’ का भव्य आयोजन, बॉलीवुड एक्टर चंकी पांडेय होंगे शामिल वैशाली में दर्दनाक हादसा: गंगा में डूबने से दो बच्चियों की मौत Graduation Day Celebration: नन्हे कदमों से नई उड़ान, सपनों के आकाश की ओर पहला कदम

Home / bihar / तेजस्वी के बाद विजय सिन्हा भी दोहरे EPIC मामले में फंसे: दो विधानसभा...

तेजस्वी के बाद विजय सिन्हा भी दोहरे EPIC मामले में फंसे: दो विधानसभा क्षेत्रों में वोटर हैं डिप्टी सीएम

PATNA: तेजस्वी यादव के बाद अब बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा पर दोहरे EPIC का आरोप. लखीसराय और बांकीपुर दोनों की वोटर लिस्ट में नाम है दर्ज. हो सकती है कानूनी कार्रवाई.

10-Aug-2025 08:22 AM

By First Bihar

PATNA: बिहार में चुनाव आयोग के वोटर लिस्ट रिवीजन (SIR) में नए नए खुलासे हो रहे है. RJD के नेता तेजस्वी यादव पर दो मतदाता पहचान पत्र (EPIC) रखने का आरोप लगा है. चुनाव आयोग ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है. लेकिन अब बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा भी ऐसे मामले में फंसते नजर आ रहे हैं.


डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा पर भी दो मतदाता पहचान पत्र बनाने का आरोप लगा है. वे बिहार के दो विधानसभा क्षेत्रों के वोटर हैं. चुनाव आयोग के ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के मुताबिक विजय कुमार सिन्हा का नाम न सिर्फ लखीसराय क्षेत्र के वोटर लिस्ट में शामिल है बल्कि वे पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में भी वोटर हैं. इन दोनों क्षेत्रों में उनका वोटर आईडी (EPIC) बना हुआ है.


पूरा मामला समझिए

चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट रिवीजन (SIR) के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन किया है. इसमें बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के नाम पर दो वोटर आईडी कार्ड जारी हुआ दिख रहा है.


लखीसराय और बांकीपुर में नाम शामिल

चुनाव आयोग के वोटर लिस्ट के मुताबिक विजय कुमार सिन्हा लखीसराय विधानसभा क्षेत्र में वोटर हैं. वहां उनका नाम पर वोटर आईडी कार्ड EPIC जारी किया गया है जिसका नंबर है IAF3939337. इस वोटर आईडी कार्ड में विजय कुमार सिन्हा उम्र 57 साल पिता- स्व. शारदा रमन सिंह को मुंगेर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत लखीसराय विधानसभा का वोटर बताया गया है. उनका मतदान केंद्र संख्या 231 उपभोक्ता फोरम कार्यालय में है और इस बूथ के क्रम संख्या 274 पर विजय कुमार सिन्हा का नाम दर्ज है.


news image


बांकीपुर के भी वोटर

चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के मुताबिक विजय कुमार सिन्हा के नाम पर दूसरा वोटर आईडी कार्ड EPIC पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से जारी हुआ है. इस EPIC का नंबर है AFS0853341. इसमें विजय कुमार सिन्हा उम्र 60 साल पिता शारदा रमन सिंह को पटना लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत बांकीपुर विधानसभा का वोटर बताया गया है.


बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में विजय कुमार सिन्हा का मतदान केंद्र आयुर्वेदिक कॉलेज कदमकुंआ (दक्षिण विंग) बताया गया है. चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के मुताबिक विजय कुमार सिन्हा का नाम आयुर्वेदिक कॉलेज कदमकुंआ के मध्य भाग स्थित बूथ संख्या 405 के क्रम संख्या 757 पर दर्ज है.


बढ़ेगा सियासी घमासान 

बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन के बाद तेजस्वी यादव के नाम पर दो वोटर आईडी कार्ड EPIC जारी होने को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है. चुनाव आयोग तेजस्वी यादव से सवाल जवाब कर रहा है. इसी बीच डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा का मामला सामने आ गया है.


चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट रिवीजन के बाद ये दावा किया था कि जिन लोगों के नाम पर दो वोटर आईडी कार्ड EPIC जारी है, उनका एक कार्ड रद्द कर दिया गया है और एक जगह से वोटर लिस्ट से नाम हटा दिया गया है. लेकिन अब डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के दो जगहों से वोटर होने का खुलासा हुआ है. जाहिर है चुनाव आयोग के वोटर लिस्ट रिवीजन यानि SIR पर सियासी घमासान और गहराएगा.


बता दें कि भारत के कानून के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के नाम पर दो EPIC कार्ड है, विशेषकर अलग अलग निर्वाचन क्षेत्रों में, तो यह कानूनन अपराध है.ऐसा करना धारा 31 के अंतर्गत अपराध है और इस आरोप में 1 साल तक की जेल, जुर्माना, या दोनों की सजा हो सकती है. हालांकि, ऐसे मामलों में पुलिस एफआईआर तुरंत दर्ज नहीं कर सकती. पुलिस की कार्रवाई मामले चुनाव आयोग के निर्देश पर ही हो सकती है.