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22-Mar-2026 08:57 AM
By First Bihar
Bihar Census News : देश में प्रस्तावित जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार की जनगणना कई मायनों में खास होने जा रही है, क्योंकि इसमें न सिर्फ आबादी की गिनती होगी, बल्कि परिवार और जीवनशैली से जुड़े कई अहम पहलुओं की भी विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। खास बात यह है कि पहली बार यह भी दर्ज किया जाएगा कि किसी परिवार की बागडोर स्त्री के हाथ में है या पुरुष के।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार के सभी जिलों के जिलाधिकारियों (डीएम) को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत जनगणना प्रक्रिया को दो चरणों में पूरा किया जाएगा—पहला चरण स्वगणना (Self Enumeration) और दूसरा मकान सूचीकरण (House Listing)।
17 अप्रैल से शुरू होगी स्वगणना
निर्देश के मुताबिक, स्वगणना की प्रक्रिया 17 अप्रैल से 1 मई 2027 तक चलेगी। इस दौरान नागरिकों को खुद ही डिजिटल पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार से जुड़ी जानकारी भरनी होगी। इसमें नाम, उम्र, लिंग, शिक्षा, निवास स्थान जैसी सामान्य जानकारी के साथ कई सामाजिक और आर्थिक पहलुओं से जुड़े सवाल भी शामिल होंगे। सरकार का मानना है कि स्वगणना के जरिए लोग खुद अपनी जानकारी भरेंगे, जिससे त्रुटियों की संभावना कम होगी और डेटा अधिक सटीक मिलेगा। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन या डिजिटल माध्यम से की जाएगी।
2 मई से शुरू होगा मकान सूचीकरण
स्वगणना के बाद दूसरा चरण मकान सूचीकरण का होगा, जो 2 मई से 31 मई 2027 तक चलेगा। इस दौरान फील्ड अधिकारी घर-घर जाकर स्वगणना में दी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे। साथ ही घर और परिवार से जुड़ी अन्य जरूरी जानकारियां भी जुटाई जाएंगी।
परिवार के मुखिया पर खास फोकस
इस बार जनगणना में परिवार के मुखिया को लेकर भी विशेष जानकारी ली जाएगी। यह दर्ज किया जाएगा कि परिवार का मुखिया स्त्री है या पुरुष। साथ ही, मुखिया की जाति, परिवार में रहने वाले सदस्यों की संख्या, और एक घर में कितने विवाहित परिवार रहते हैं—इन सभी पहलुओं का भी रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
घर और जीवनशैली से जुड़े सवाल
जनगणना में घर की स्थिति और जीवन स्तर को समझने के लिए कई महत्वपूर्ण सवाल शामिल किए गए हैं। घर के फर्श और छत किस सामग्री से बने हैं, घर का उपयोग किस उद्देश्य से हो रहा है—इन सभी बिंदुओं का ब्योरा लिया जाएगा। इसके अलावा, परिवार के पास मौजूद घरेलू उपकरणों की भी जानकारी ली जाएगी। इसमें आठ प्रमुख श्रेणियों को शामिल किया गया है, जैसे—
रेडियो
टेलीविजन
इंटरनेट सुविधा
लैपटॉप या कंप्यूटर
टेलीफोन, मोबाइल या स्मार्टफोन
साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल या मोपेड
कार, जीप या वैन
इन सभी संसाधनों के आधार पर परिवार की आर्थिक स्थिति का आकलन किया जाएगा। साथ ही, परिवार का मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जाएगा।
बुनियादी सुविधाओं का पूरा विवरण
जनगणना 2027 में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े 10 प्रमुख बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इनमें शामिल हैं—
पेयजल का स्रोत और उसकी उपलब्धता
घर में बिजली या प्रकाश का मुख्य स्रोत
शौचालय की उपलब्धता और उसका प्रकार
गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था
स्नानगृह की उपलब्धता
रसोई घर की स्थिति (एलपीजी या पीएनजी)
खाना पकाने का मुख्य साधन
परिवार के भोजन में इस्तेमाल होने वाला मुख्य अनाज
इन जानकारियों के जरिए सरकार को लोगों के जीवन स्तर, स्वास्थ्य और सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करने में मदद मिलेगी।
फील्ड अधिकारियों की ट्रेनिंग शुरू
मकान सूचीकरण और सत्यापन के कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए फील्ड अधिकारियों की ट्रेनिंग भी शुरू की जा रही है। जानकारी के अनुसार, 24 मार्च से जिला स्कूलों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिकारी इस प्रक्रिया को बेहतर तरीके से समझ सकें और सही तरीके से लागू कर सकें।
डेटा से बनेगी भविष्य की नीति
जनगणना से जुटाए गए आंकड़े सरकार की नीतियों और योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस बार महिलाओं की भूमिका, डिजिटल पहुंच, और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष फोकस से यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में योजनाएं और अधिक लक्षित और प्रभावी होंगी। कुल मिलाकर, जनगणना 2027 न सिर्फ जनसंख्या का आंकड़ा जुटाने का माध्यम होगी, बल्कि यह देश के सामाजिक और आर्थिक ढांचे की गहराई से पड़ताल करने का एक बड़ा अवसर भी साबित होगी।