BIHAR NEWS : बिहार में डिजिटल क्रांति! “बिहार वन” से घर बैठे मिलेंगी सभी सरकारी सेवाएं; इस महीने से होगी शुरुआत Bihar Teacher News: बिहार में शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी ! इनलोगों का 1 से 10 अप्रैल के बीच होगी जॉइनिंग; जानिए पूरा अपडेट IAS ranking Bihar : बिहार की नई IAS सीनियरिटी लिस्ट ने सबको चौंका दिया, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत चौथे नंबर पर, जानिए टॉप पर है किसका नाम... medicine price hike : 1 अप्रैल से दवाएं महंगी! पेरासिटामोल-एंटीबायोटिक के बढ़ेंगे दाम, जानिए कितना पड़ेगा असर BIHAR NEWS : पटना से बड़ा ऐलान! अब देश के किसी भी कोने से मदद मांग सकेंगे बिहार के प्रवासी मजदूर LPG supply rule : यदि आपके भी घर के पास पहुंच गई है PNG तो अब हर हाल में लेना होगा कनेक्शन, सरकार का सख्त आदेश, कहा —सिलेंडर होगा बंद PNG online apply : बिहार में PNG कनेक्शन लेना हुआ आसान, इस तरह ऑनलाइन करें अप्लाई; LPG पर नए नियम से उपभोक्ताओं में हलचल IRCTC fine : पटना- टाटा वंदे भारत में यात्रियों को परोसा गया खराब खाना, अब रेलवे ने लिया एक्शन; IRCTC और वेंडर पर लगाया लाखों का जुर्माना Bihar school : बिहार के स्कूलों में अब हर सुबह राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ से होगी शुरुआत – जानें नए निर्देश और नियम बाढ़ में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में खाली रह गई कुर्सियां, प्रचार-प्रसार को लेकर प्रशासन पर उठ रहे सवाल
05-Feb-2026 04:53 PM
By Viveka Nand
Bihar Teacher News: बिहार में शिक्षकों के स्थानांतरण का मुद्दा सुलझने की बजाय और उलझते जा रहा है. शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर तीन विकल्प मांगे थे. जब स्थानांतरण किया गया तो किसी चौथी जगह पर पोस्टिंग कर दी गई. यानि शिक्षकों के स्थानांतरण को और उलझा दिया गया. आज बिहार विधान परिषद में यह मुद्दा उठा. भाजपा विधान पार्षद संजय मयूख ने सूचना पर खड़े होकर इस विषय को उठाया.
विधान परिषद में उठा मुद्दा
संजय मयूख ने शिक्षकों के स्थानांतरण नीति पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने आज बिहार विधान परिषद में सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि हमने इस मुद्दे को सदन में उठाया है. शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर पहले तीन-तीन विकल्प मांगे गए थे. लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं की गई. जिसने विकल्प के तौर पर गोपालगंज दिया, उसे कटिहार भेज दिया गया. संजय मयूख ने कहा कि उन्होंने आज सदन में सूचना पर खड़े होकर शिक्षकों के स्थानांतरण का मुद्दा उठाया है.
जब करना ही नहीं था तो विकल्प क्यों मांगे गए ?
भाजपा विधान पार्षद ने आगे कहा कि बिहार में बड़ी संख्या में महिलाएं शिक्षक बनी हैं. जिन्हें परेशानी हो रही है. बड़ी संख्या में मरीज हैं, जिन पर सरकार को सहानुभूति पूर्वक विचार करना चाहिए. कई शिक्षक कैंसर पेशेंट हैं, जिनका जिला मुख्यालय में पोस्टिंग होना चाहिए था,उन्हें गांव में भेज दिया गया. अगर ऑप्शन मांगा गया है तो उसी अनुसार से पोस्टिंग होनी चाहिए. अगर नहीं करना था तो विकल्प क्यों मांगे गए थे. यह गंभीर सवाल है.