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16-Mar-2026 07:02 AM
By First Bihar
BIHAR NEWS : बिहार में आज राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान हो रहा है, जिसमें कुल 5 सीटों के लिए 6 उम्मीदवार मैदान में हैं। यह चुनाव राज्य की सियासत में अहम मोड़ साबित होने वाला है, क्योंकि प्रत्येक विधायक का वोट परिणाम पर निर्णायक असर डाल सकता है।
इस बार सबकी निगाहें खासकर कांग्रेस के विधायकों पर टिकी हैं। कांग्रेस के छह विधायकों में से एक रालोमो सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा के करीबी माने जाते हैं, जबकि एक अन्य विधायक हाल ही में जदयू से कांग्रेस में आए हैं। शेष चार में से तीन नए विधायकों के लिए यह पहला अनुभव है। फिलहाल पार्टी ने अपने विधायक दल का नेता और सचेतक भी नहीं चुना है, इसलिए विधायक बिना किसी नेतृत्व के ही चुनाव में भाग लेंगे।
एनडीए खेमे की नजरें इन विधायकों पर टिकी हुई हैं। हालांकि, रविवार देर रात तक सभी विधायक होटल नहीं पहुंचे थे, जिससे कयासों का दौर शुरू हो गया। इस बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने दावा किया कि पार्टी के सभी विधायक एकजुट हैं और महागठबंधन के उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित होगी।
महागठबंधन की रणनीति के तहत, संबंधित विधायक रविवार दोपहर से ही शहर के एक होटल में जमा हो गए। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के दो विधायक शाम तक होटल नहीं पहुंचे थे। वहीं, राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने दावा किया कि एआईएमआईएम और बसपा के समर्थन से उनके पास कुल 41 विधायकों की संख्या है।
राजद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव लगातार सभी महागठबंधन विधायकों के संपर्क में थे। होटल में देर रात तक भी उन्होंने विधायकों से बातचीत की, ताकि कोई भी विधायक टूट न जाए और मतदान में सभी एकजुट रहें। इस बार की रणनीति में विधायकों की एकजुटता को बनाए रखना महागठबंधन की प्राथमिकता थी।
वहीं, एनडीए ने भी राज्यसभा चुनाव के लिए अपनी तैयारी पूरी कर ली है। बिहार के सहकारिता मंत्री और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. प्रमोद चन्द्रवंशी ने दावा किया कि एनडीए बिहार की सभी पांच राज्यसभा सीटों पर जीत हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि राजद नेता तेजस्वी यादव के पास आवश्यक समर्थन नहीं है और कुछ महागठबंधन के विधायकों के वोट अंततः एनडीए के पक्ष में जाएंगे।
डॉ. चन्द्रवंशी ने कहा कि महागठबंधन के कुछ विधायक जानते हैं कि उनके पास पर्याप्त संख्या नहीं है, इसलिए वे अपना वोट बर्बाद करने के बजाय एनडीए को मजबूती प्रदान करेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजद की नजर अपने उम्मीदवार की जेब पर है, इसलिए वे जरूरी समर्थन जुटाने में असफल रह सकते हैं।
राज्यसभा चुनाव में इस बार राजनीतिक समीकरण बेहद संवेदनशील हैं। महागठबंधन और एनडीए दोनों अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह चुनाव बिहार की सियासत में महत्वपूर्ण संकेत देगा और आगामी वर्षों में राजनीतिक माहौल को प्रभावित कर सकता है।
आज की वोटिंग के बाद ही बिहार में पांचों राज्यसभा सीटों के विजेताओं का निर्णय स्पष्ट होगा। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यह चुनाव न केवल महागठबंधन और एनडीए के लिए, बल्कि पूरे राज्य की राजनीति के लिए भी निर्णायक साबित होगा।