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16-Mar-2026 09:11 AM
By First Bihar
BIHAR NEWS : बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए मतदान की प्रक्रिया सोमवार सुबह शुरू हो गई। राज्य विधानसभा परिसर में सुबह 9 बजे से वोटिंग जारी है, जिसमें सभी 243 विधायक शाम 4 बजे तक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। मतदान समाप्त होने के बाद शाम 5 बजे से मतों की गिनती शुरू होगी और देर शाम तक परिणाम आने की संभावना है। इस बार पांच सीटों के लिए छह उम्मीदवार मैदान में होने के कारण मुकाबला दिलचस्प हो गया है और इसी वजह से चुनाव की नौबत आई है।
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 41 विधायकों के प्रथम वरीयता के वोट की आवश्यकता है। बिहार विधानसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के पास कुल 202 विधायकों का समर्थन है, जिसके आधार पर उसके चार उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि पांचवें उम्मीदवार की जीत के लिए एनडीए को अभी भी तीन वोटों की कमी बताई जा रही है। इसी वजह से पांचवीं सीट को लेकर एनडीए और महागठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।
मतदान के दौरान विधानसभा में सुरक्षा और नियमों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मतदान कक्ष के अंदर विधायकों को मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं दी गई है। मतदान के लिए विशेष रूप से बैगनी रंग के स्केच पेन की व्यवस्था की गई है और विधायकों को उसी पेन का इस्तेमाल करना अनिवार्य है। किसी अन्य पेन से डाला गया वोट अमान्य माना जाएगा।
राज्यसभा चुनाव के दौरान एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया यह भी है कि हर विधायक मतदान करने के बाद अपनी पार्टी के अधिकृत प्रतिनिधि को यह दिखाएगा कि उसने किस उम्मीदवार के पक्ष में वोट डाला है। इसके बाद ही उसका वोट वैध माना जाएगा। मतदान कक्ष में सभी दलों के अधिकृत प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे ताकि मतदान प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।
राजनीतिक हलचल के बीच बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी विधानसभा पहुंच चुके हैं। वहीं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार भी मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए विधानसभा पहुंच गए हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही खेमे इस चुनाव में अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।
इस चुनाव में एनडीए के कई बड़े नेता मैदान में हैं। गठबंधन की ओर से जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भारतीय जनता पार्टी के नेता नितिन नवीन तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा उम्मीदवार हैं। इसके अलावा जदयू से केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर भी लगातार तीसरी बार राज्यसभा पहुंचने की उम्मीद लगाए हुए हैं। भाजपा की ओर से प्रदेश महासचिव और पूर्व विधायक शिवेश कुमार भी उम्मीदवार बनाए गए हैं।
दूसरी ओर महागठबंधन की ओर से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अमरेंद्र धारी सिंह को मैदान में उतारा है। राजद के पास विधानसभा में केवल 25 विधायक हैं। महागठबंधन के सहयोगी दलों के समर्थन के बावजूद राजद को अपने उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है।
चुनाव प्रक्रिया के अनुसार यदि किसी सीट पर प्रथम वरीयता के आधार पर किसी उम्मीदवार को आवश्यक 41 वोट नहीं मिलते हैं, तो उस स्थिति में दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती की जाएगी। हालांकि दूसरी वरीयता की गिनती केवल उसी सीट के लिए होगी, जिस पर प्रथम वरीयता के आधार पर परिणाम तय नहीं हो सकेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक इस चुनाव में चार सीटों का परिणाम लगभग स्पष्ट माना जा रहा है, जबकि पांचवीं सीट पर मुकाबला बेहद रोमांचक हो सकता है। सभी की निगाहें अब शाम 5 बजे शुरू होने वाली मतगणना और उसके बाद आने वाले अंतिम नतीजों पर टिकी हुई हैं।