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16-Mar-2026 10:28 AM
By First Bihar
BIHAR NEWS : बिहार की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। राज्यसभा की पांच सीटों के लिए सोमवार को मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सुबह 9 बजे से शुरू हुई वोटिंग शाम 4 बजे तक चलेगी। इसके बाद शाम 5 बजे से मतपत्रों की गिनती शुरू होगी और लगभग एक घंटे के भीतर परिणाम आने की संभावना है। इस चुनाव को लेकर बिहार की सियासत में काफी हलचल देखी जा रही है क्योंकि पांच सीटों के लिए छह उम्मीदवार मैदान में हैं, जिसके कारण मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
विधानसभा परिसर में सुबह से ही विधायकों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी महागठबंधन दोनों ही खेमों के विधायक वोट डालने के लिए विधानसभा पहुंचे हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक, अब तक एनडीए के 110 विधायकों ने अपना मतदान कर दिया है। वहीं महागठबंधन के 35 विधायक वोट डाल चुके हैं। ऐसे में दोनों खेमों की नजरें अपने-अपने शेष विधायकों पर टिकी हुई हैं।
राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए पहली वरीयता के आधार पर एक उम्मीदवार को कम से कम 41 वोटों की जरूरत होती है। यही कारण है कि हर वोट की अहमियत बढ़ गई है। अगर किसी सीट पर पहली वरीयता के आधार पर जीत का फैसला नहीं हो पाता है, तो फिर दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती की जाती है। हालांकि दूसरी वरीयता की गिनती सिर्फ उसी सीट के लिए होती है जिस पर पहली वरीयता से फैसला नहीं हो पाया हो।
महागठबंधन के लिए इस समय सबसे बड़ी चुनौती अपने विधायकों को एकजुट रखना है। जानकारी के अनुसार, महागठबंधन के अभी तक 35 विधायक वोट डाल चुके हैं, जबकि उसे एक सीट सुरक्षित करने के लिए कुल 41 वोटों की जरूरत है। ऐसे में उसे अपने छह और विधायकों के मतदान का इंतजार है। अगर ये सभी विधायक मतदान कर देते हैं तो महागठबंधन कम से कम एक सीट पर दावा मजबूत कर सकता है।
इधर कांग्रेस खेमे में भी हलचल बढ़ गई है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के दो विधायक अब तक ट्रेसलेस बताए जा रहे हैं। पार्टी को उनकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है, जिससे महागठबंधन की चिंता बढ़ गई है। पार्टी के नेता लगातार इन विधायकों से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं ताकि उन्हें जल्द से जल्द मतदान के लिए विधानसभा लाया जा सके।
विधानसभा परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारी की गई है। सभी विधायकों को नियमों के अनुसार मतदान के बाद अपनी पार्टी के अधिकृत प्रतिनिधि को अपना मत दिखाना होता है। इसके बाद ही उनका वोट वैध माना जाता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव के नतीजे बिहार की सियासत में आगे की दिशा तय कर सकते हैं। शाम 5 बजे से शुरू होने वाली मतगणना के बाद तस्वीर साफ हो जाएगी कि राज्यसभा की पांच सीटों पर किस दल का दबदबा रहता है। फिलहाल सभी की नजरें वोटिंग पूरी होने और उसके बाद आने वाले नतीजों पर टिकी हुई हैं।