पटना शास्त्री नगर गोलीकांड में बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार; मुख्य शूटर अब भी फरार पटना शास्त्री नगर गोलीकांड में बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार; मुख्य शूटर अब भी फरार जंग की आंच में झुलसी शादियां… महंगाई ने बिगाड़ा हर सपना, मंडप तक पहुंचने से पहले ही टूट रहा बजट फंदे से लटका मिला महिला का शव… खुदकुशी या सुनियोजित साजिश? गोपालगंज में रहस्यमयी मौत से सनसनी Bihar News: बिहार की गांवों को राजमार्ग से जोड़ने की तैयारी....अब गांव से हाईवे तक सफर आसान 50 हजार का इनामी मोहन मांझी गिरफ्तार, हत्या से जुड़े मामले में साथी भी अरेस्ट बिहार के इस जिले में प्राइवेट स्कूलों पर नकेल, एडमिशन में मनमाना वसूली पर प्रशासन सख्त; DM ने दिए जांच के आदेश खेत में काल बनी थ्रेशर मशीन… चपेट में आई महिला, मौके पर मचा हड़कंप; अस्पताल पहुंचते ही बुझ गई जिंदगी मुंगेर में ATM फ्रॉड का नया तरीका: कार्ड फंसाकर ठगों ने उड़ाए 2 लाख रुपये CBSE 10th Result 2026: जल्द जारी हो सकता है CBSE 10वीं का रिजल्ट, ऐसे चेक करें नतीजे
07-Apr-2026 01:47 PM
By First Bihar
BIhar News: बिहार में अपराधियों के लिए आने वाला समय चुनौतीपूर्ण होने वाला है। राज्य के डीजीपी विनय कुमार ने हाल ही में बताया कि पुलिस ने अपराधियों को उनके किए का अंजाम तक पहुंचाने के लिए कई महत्वपूर्ण इंतजाम किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सात साल या उससे अधिक की सजा वाले सभी मामलों में घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम की मौजूदगी अनिवार्य होगी। इस दिशा में अगले एक-दो साल में चार स्थायी और नौ क्षेत्रीय फॉरेंसिक लैब यानी कुल 13 एफएसएल पूरी तरह चालू कर दी जाएंगी। यह कदम बिहार में अपराध जांच के स्तर को आधुनिक बनाने और अपराधियों को जल्द पकड़ने के लिए उठाया गया है।
डीजीपी विनय कुमार ने पटना के सरदार पटेल भवन में दो दिवसीय फॉरेंसिक बायोलॉजिकल साइंस सैटेलाइट कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करते हुए कहा कि राज्य के 28 जिलों में जहां क्षेत्रीय फॉरेंसिक लैब नहीं हैं, वहां जिला चलंत प्रयोगशालाओं के लिए भवन का निर्माण पूरा हो चुका है। साथ ही, इन सभी जिलों को फोरेंसिक वैन की सुविधा भी दी गई है, ताकि घटनास्थल पर तत्काल जांच संभव हो सके। इसके अलावा, राज्य के 44 पुलिस जिलों को 50 मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई गई हैं और आने वाले समय में इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी।
डीजीपी ने यह भी बताया कि क्षेत्रीय लैब के लिए नियुक्तियां पूरी हो चुकी हैं, उपकरण खरीद लिए गए हैं और भवन का निर्माण भी पूरा हो गया है। आने वाले समय में ये लैब पूरी तरह चालू हो जाएंगी। उन्होंने डीएनए जांच के बढ़ते मामलों को देखते हुए तीन-चार नई लैब स्थापित करने के लिए केंद्रीय फॉरेंसिक साइंस लैब (सीएफएसएल) से सहयोग की भी मांग की है।
पटना और राजगीर में साइबर फॉरेंसिक लैब स्थापित की जाएगी, जिससे साइबर अपराधों की जांच और तेजी से हो सकेगी। डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि यह कदम अपराधियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा। अब अपराध करने वाले व्यक्तियों को बचना आसान नहीं होगा और पुलिस उच्चतम फोरेंसिक तकनीक का इस्तेमाल कर सभी मामलों में पूरी जांच करेगी।
बिहार पुलिस का यह कदम राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। फोरेंसिक लैब की संख्या बढ़ाने, मोबाइल फॉरेंसिक वैन की उपलब्धता और साइबर फॉरेंसिक लैब की स्थापना से अपराध की जांच और अधिक प्रभावी बनेगी।
डीजीपी विनय कुमार ने जोर देकर कहा कि बिहार में अपराधियों के लिए अब कोई रास्ता आसान नहीं रहेगा। अपराधियों को उनके किए का अंजाम भुगतने के लिए मजबूर किया जाएगा। फोरेंसिक तकनीक और आधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल से अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई पहले से कहीं अधिक तेज और सटीक होगी।