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जंग की आंच में झुलसी शादियां… महंगाई ने बिगाड़ा हर सपना, मंडप तक पहुंचने से पहले ही टूट रहा बजट

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब आम लोगों की जेब पर दिखने लगा है। खासकर शादी-विवाह जैसे बड़े आयोजनों में खर्च तेजी से बढ़ गया है, जिससे लोगों को अपने बजट और योजनाओं में बदलाव करना पड़ रहा है।

जंग की आंच में झुलसी शादियां… महंगाई ने बिगाड़ा हर सपना, मंडप तक पहुंचने से पहले ही टूट रहा बजट
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

US-Israel-Iran War: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव का असर अब आम लोगों की जिंदगी पर साफ नजर आने लगा है। खासकर शादी-विवाह जैसे बड़े आयोजनों पर इसका सीधा असर पड़ा है। बढ़ती महंगाई ने शादी वाले घरों का पूरा बजट बिगाड़ दिया है। हर चीज की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से लोग परेशान हैं और अपनी योजनाओं में बदलाव करने को मजबूर हो रहे हैं।


कैटरिंग पर सबसे ज्यादा असर

शादी में सबसे बड़ा खर्च खाने-पीने की व्यवस्था पर होता है, और इसी पर महंगाई की सबसे ज्यादा मार पड़ी है। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर, खाद्य तेल और ड्राई फ्रूट्स के दाम तेजी से बढ़े हैं। पहले जो रिफाइंड तेल 2050 रुपये में मिलता था, अब वही 2400 से 2500 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं कॉमर्शियल सिलेंडर 1600 रुपये से बढ़कर 2200 रुपये के पार पहुंच चुका है। इसका सीधा असर कैटरिंग पर पड़ा है और अब प्रति प्लेट खाने की कीमत 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गई है।


कैटरिंग कारोबारियों का कहना है कि पुराने ऑर्डर तो किसी तरह पूरे किए जा रहे हैं, लेकिन नई बुकिंग में लागत बढ़ने के कारण कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं। कई जगह गैस की कमी के चलते लकड़ी और कोयले से खाना बनाना पड़ रहा है, जिससे मजदूरी और खर्च दोनों बढ़ गए हैं।


इलेक्ट्रॉनिक सामान भी महंगे

शादी के सीजन में एलईडी, फ्रिज, कूलर और एसी जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामानों की मांग बढ़ जाती है, लेकिन इस बार इनकी कीमतों में भी उछाल आया है। कच्चे माल जैसे प्लास्टिक, एल्युमिनियम और कॉपर महंगे होने के कारण इन उत्पादों की कीमतें बढ़ गई हैं। बाजार में कूलर 1000 से 2000 रुपये तक महंगे हो चुके हैं। कंपनियों ने नए स्टॉक पर कीमतें बढ़ा दी हैं, जिससे ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।


लहंगा और साड़ी के बढ़े दाम

कपड़ों के बाजार में भी महंगाई का असर साफ दिखाई दे रहा है। लहंगा, साड़ी और अन्य परिधानों की कीमतों में 5 से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। यार्न और केमिकल के दाम बढ़ने के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट का खर्च भी बढ़ गया है। सिंथेटिक कपड़ों में पेट्रोकेमिकल का उपयोग होने के कारण उनकी कीमतों में और ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। नए स्टॉक पर कीमतें 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं।


आभूषण खरीदना हुआ महंगा

सोने और चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से गहने खरीदना भी महंगा हो गया है। पहले जहां लोग 3 लाख रुपये में 30 ग्राम सोना खरीदने की योजना बनाते थे, अब उसी रकम में केवल 25 ग्राम ही मिल पा रहा है। इसके अलावा मेकिंग चार्ज भी बढ़ गया है, जिससे कुल खर्च और ज्यादा हो गया है।


मेकअप और ब्यूटी खर्च में बढ़ोतरी

दुल्हन के मेकअप और ब्यूटी प्रोडक्ट्स भी अब पहले से ज्यादा महंगे हो गए हैं। क्रीम, पाउडर और अन्य कॉस्मेटिक सामानों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण पार्लर का खर्च बढ़ गया है। ब्यूटी पार्लर संचालकों का कहना है कि अप्रैल से ही प्रोडक्ट्स के दाम बढ़े हैं, जिसका सीधा असर ग्राहकों पर पड़ रहा है।


बजट बिगड़ा, लोग कर रहे बदलाव

महंगाई के इस दौर में शादी वाले घरों को अपने बजट में कटौती करनी पड़ रही है। लोग मेहमानों की संख्या कम कर रहे हैं और कई जगह मेन्यू में भी बदलाव किया जा रहा है। कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय हालातों का असर अब सीधे आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है और शादी जैसे खुशियों के मौके पर भी लोग खर्च को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।