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बिहार में AI से अपराध पर लगेगी लगाम: पुलिस चिन्हित करेगी क्राइम हॉटस्पॉट, डायल-112 की शिकायतों की होगी समीक्षा

Bihar Police News: बिहार पुलिस अब AI तकनीक से अपराध नियंत्रण करेगी। डायल-112 की शिकायतों का विश्लेषण कर क्राइम हॉटस्पॉट चिन्हित किए जाएंगे और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल व गश्त बढ़ाई जाएगी।

Bihar Police News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© AI
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Police News: बिहार पुलिस अब अपराध नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने जा रही है। पुलिस मुख्यालय ने राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से अपराध प्रभावित क्षेत्रों की पहचान करने की योजना बनाई है। इसके तहत डायल-112 पर आने वाली शिकायतों का एआई आधारित विश्लेषण किया जाएगा और थानास्तर पर अधिक अपराध वाले इलाकों को ‘क्राइम हॉटस्पॉट’ के रूप में चिन्हित किया जाएगा।


AI बताएगा कहां ज्यादा अपराध

पुलिस मुख्यालय के अनुसार, डायल-112 पर दर्ज शिकायतों का तकनीकी विश्लेषण कर यह पता लगाया जाएगा कि किस थाना क्षेत्र में किस प्रकार के अपराध अधिक हो रहे हैं। इसके आधार पर संवेदनशील इलाकों की पहचान की जाएगी। इन क्षेत्रों में अपराध रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, गश्त बढ़ाने और प्रो-एक्टिव पुलिसिंग पर जोर दिया जाएगा, ताकि अपराध की घटनाओं को पहले ही रोका जा सके।


डायल-112 से जुड़ेंगे NHAI, रेलवे और स्मार्ट सिटी

आपातकालीन सेवा डायल-112 को अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), रेलवे, ट्रांसपोर्ट विभाग, निजी एंबुलेंस, ट्रॉमा सेंटर और स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (ICCC) से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा स्मार्ट सिटी में लगाए गए इमरजेंसी कॉल बॉक्स को भी डायल-112 से लिंक किया जाएगा, जिससे जरूरतमंद लोगों तक तेजी से सहायता पहुंचाई जा सके। पुलिसिंग में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए पुलिस वाहनों में डैश कैमरे और जवानों की वर्दी पर बॉडी-वॉर्न कैमरे लगाए जाएंगे। इससे कार्रवाई की निगरानी और रिकॉर्डिंग में मदद मिलेगी।


चार साल में 60 लाख से ज्यादा लोगों को मदद

पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, डायल-112 के जरिए प्रतिदिन औसतन 7500 नागरिकों को आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इस सेवा का औसत रिस्पांस टाइम करीब 10 मिनट है। पिछले चार वर्षों में डायल-112 के माध्यम से 60 लाख से अधिक लोगों को पुलिस, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस, हाईवे पेट्रोलिंग, महिला एवं बाल हेल्पलाइन जैसी सेवाओं का लाभ मिला है।


मारपीट की शिकायतें सबसे ज्यादा

डायल-112 के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 35.32 लाख शिकायतें स्थानीय विवाद और मारपीट से जुड़ी रही हैं। इसके अलावा: घरेलू हिंसा और महिला-बच्चों से जुड़े 5.29 लाख मामलों में सहायता पहुंचाई गई। सड़क दुर्घटना के 2.73 लाख मामलों में त्वरित कार्रवाई की गई। अगलगी की करीब 1.5 लाख घटनाओं में मदद पहुंचाई गई।


वहीं, ‘सुरक्षित सफर’ पहल के तहत अब तक 224 महिलाओं को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया है। बिहार पुलिस का मानना है कि एआई और तकनीकी संसाधनों के इस्तेमाल से अपराध नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता