ब्रेकिंग
बक्सर से भागलपुर का सफर होगा आसान... 8 घंटे की दूरी अब सिर्फ 4 घंटे में होगी पूरी, जाम से मिलेगी राहतजज बनने के लिए अब 3 साल का इंतजार नहीं... बस एक साल करना होगा ये काम, सुप्रीम कोर्ट ने बदला नियमSKMCH में नहीं खत्म हो रही बदहाली... बेड नहीं, फर्श पर हो रहा मरीजों का इलाज, अब निशांत लेंगे एक्शनबिहार में बेखौफ अपराधियों का तांडव, हथियार के बल पर दिनदहाड़े कारोबारी के स्टाफ से लूट लिए 3.18 लाखपुलिस स्टेशन के बाहर धरने पर बैठे राहुल गांधी, पैलेट गन पीड़ित भी साथ... FIR की मांग पर अड़ेबक्सर से भागलपुर का सफर होगा आसान... 8 घंटे की दूरी अब सिर्फ 4 घंटे में होगी पूरी, जाम से मिलेगी राहतजज बनने के लिए अब 3 साल का इंतजार नहीं... बस एक साल करना होगा ये काम, सुप्रीम कोर्ट ने बदला नियमSKMCH में नहीं खत्म हो रही बदहाली... बेड नहीं, फर्श पर हो रहा मरीजों का इलाज, अब निशांत लेंगे एक्शनबिहार में बेखौफ अपराधियों का तांडव, हथियार के बल पर दिनदहाड़े कारोबारी के स्टाफ से लूट लिए 3.18 लाखपुलिस स्टेशन के बाहर धरने पर बैठे राहुल गांधी, पैलेट गन पीड़ित भी साथ... FIR की मांग पर अड़े

Bihar Bhumi: रेवेन्यू कोर्ट में चल रहा भौतिक साक्ष्य का खेल, अब से सिर्फ RCMS पोर्टल पर अपलोड पेपर के आधार पर ही केस का होगा निबटारा

Bihar Bhumi: बिहार में अब रेवेन्यू कोर्ट में मामलों का निपटारा RCMS पोर्टल पर अपलोड दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर होगा। विभाग ने भौतिक दस्तावेज लेने पर रोक लगाते हुए प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया है।

Bihar Bhumi
बिहार सरकार का बड़ा फैसला
© File
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Bhumi: बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राजस्व न्यायालयों में लंबित एवं नए मामलों के निष्पादन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विभाग के सचिव जय सिंह ने राज्य के सभी समाहर्ताओं, अपर समाहर्ताओं, भूमि सुधार उप समाहर्ताओं एवं अंचल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली (RCMS) के तहत दायर किसी भी वाद की सुनवाई के दौरान आवेदक या विपक्षी से किसी भी प्रकार का भौतिक साक्ष्य अथवा दस्तावेज स्वीकार नहीं किया जाएगा।



निर्देश में कहा गया है कि आरसीएमएस के अंतर्गत वाद दायर करने से लेकर अंतिम आदेश पारित करने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित की जानी है। इसके बावजूद यह जानकारी मिल रही थी कि कई स्थानों पर सुनवाई के दौरान पक्षकारों से भौतिक रूप से दस्तावेज लिए जा रहे हैं, जो निर्धारित व्यवस्था के विपरीत है। इसे गंभीरता से लेते हुए विभाग ने इस पर तत्काल रोक लगाने का आदेश दिया है।



अब सभी राजस्व न्यायालयों को निर्देशित किया गया है कि यदि सुनवाई के दौरान किसी अतिरिक्त साक्ष्य या दस्तावेज की आवश्यकता हो तो संबंधित पक्षकारों को केवल आरसीएमएस पोर्टल पर ही उसे अपलोड करने का निर्देश दिया जाए। सभी राजस्व न्यायालय भी केवल पोर्टल पर उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर ही वादों का निष्पादन सुनिश्चित करेंगे।



इस निर्णय से राजस्व न्यायालयों की पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी, दस्तावेजों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ या विवाद की संभावना समाप्त होगी तथा सभी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे। साथ ही नागरिकों को बार-बार कार्यालयों का चक्कर लगाने या कागजी दस्तावेज जमा कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी। सचिव जय सिंह ने सभी जिला एवं अंचल स्तरीय अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया है, ताकि राज्य में राजस्व न्यायालयों की ऑनलाइन व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी रूप से लागू हो सके।



राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि बिहार सरकार राजस्व न्यायालयों को पूरी तरह पारदर्शी, तकनीक आधारित और नागरिक हितैषी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आरसीएमएस की व्यवस्था का उद्देश्य ही यह है कि पूरी न्यायिक प्रक्रिया ऑनलाइन, जवाबदेह और भ्रष्टाचारमुक्त हो। किसी भी स्तर पर भौतिक दस्तावेज लेने की कोई आवश्यकता नहीं है। सभी अधिकारी निर्धारित व्यवस्था का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। इससे आम नागरिकों को अधिक सुविधा मिलेगी, अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर समाप्त होंगे और न्यायिक प्रक्रिया पर लोगों का विश्वास और मजबूत होगा।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता