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22-Mar-2026 07:35 AM
By First Bihar
Bihar Panchayat Elections 2026 : बिहार में इस वर्ष पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव का महापर्व होने जा रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इसके लिए तैयारियों की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, चुनाव के लिए सबसे पहले फॉर्म-1 का प्रकाशन होगा। इसके बाद मतदाता सूची बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। फॉर्म-1 के प्रकाशन के बाद आम लोगों से अपने निर्वाचन क्षेत्र को लेकर दावा और आपत्ति मांगी जाएगी, जिसे ससमय निबटारा जाएगा।
इस वर्ष पंचायत चुनाव नवंबर-दिसंबर 2026 तक कराए जाने की संभावना है। मतदान से पहले निर्वाचन आयोग द्वारा बूथ निर्धारण, ईवीएम की उपलब्धता, मतदाता सूची और अन्य चुनावी तैयारियों का कार्य पूरा किया जाएगा। जिला स्तर पर मतदाता सूची बनाने और अन्य तैयारियों में डीएम को जिला निर्वाचन पदाधिकारी तथा पंचायत और जिला पंचायतीराज पदाधिकारी को सहायक जिला निर्वाचन पदाधिकारी के रूप में नामित किया गया है।
जानकारी के अनुसार, इस वर्ष चुनाव क्षेत्र की आबादी 2011 की जनगणना के आधार पर तय की जाएगी। इसके बाद ही फॉर्म-1 जारी होगा। आयोग जून 2026 में मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करेगा।पंचायत चुनाव में इस बार 8053 पंचायतों में आम चुनाव होंगे। त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के विभिन्न पदों के लिए मतदान होगा। कुल लगभग ढाई लाख पदों पर चुनाव होने हैं। इसमें मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य, पंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य शामिल हैं।
विशेष बात यह है कि इस बार पहली बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का उपयोग किया जाएगा। चुनाव के लिए मल्टी-पोस्ट ईवीएम लाए जाएंगे, जिसमें मतदाता एक ही बार में छह अलग-अलग पदों के प्रत्याशियों को वोट डाल सकेंगे। मल्टी-पोस्ट ईवीएम में छह अलग बैलेट यूनिट्स होती हैं, जो एक कंट्रोल यूनिट से जुड़ी होती हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग, राज्य सरकार, जिला प्रशासन और अन्य सभी हितधारक मिलकर इस चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। ग्रामीण इलाकों में चुनाव की गतिविधियों पर पहले ही नजर रखी जा रही है। पिछली बार 2021 में पंचायत चुनाव 11 चरणों में संपन्न हुआ था। इस बार ईवीएम के माध्यम से मतदान प्रक्रिया को और सुचारू बनाने की कोशिश होगी।
बिहार के लोगों के लिए यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव से ग्रामीण इलाकों में प्रशासनिक और विकास कार्यों पर सीधे असर पड़ेगा। सभी मतदाताओं से उम्मीद की जा रही है कि वे समय रहते अपने निर्वाचन क्षेत्र में दावे और आपत्तियां दर्ज कराएं और मतदान प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं। इस तरह, बिहार पंचायत चुनाव 2026 राज्य में लोकतंत्र की मजबूती और ग्रामीण प्रशासन में पारदर्शिता को और मजबूत करने वाला कदम साबित होगा।