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26-Jun-2025 01:22 PM
By First Bihar
Bihar News: बिहार के 160 प्रखंडों में निर्माणाधीन 436 पंचायत सरकार भवनों का निरीक्षण कल शुक्रवार को होगा। भवन निर्माण विभाग ने इस कार्य को प्राथमिकता देते हुए 110 सहायक अभियंताओं की 11 टीमें गठित की हैं। जो पूर्णिया, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, छपरा, आरा, गया, मुंगेर, भागलपुर और पटना भवन अंचल में गुणवत्ता की जांच करेंगी। इन टीमों को उसी दिन अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपने का निर्देश दिया गया है। जिसमें निर्माण सामग्री, सीमेंट की गुणवत्ता, भौतिक स्थिति और भवन की ग्रेडिंग का विवरण होगा।
पंचायत सरकार भवनों का निर्माण त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के तहत चुने गए प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय, ग्राम कचहरी के न्यायालय कक्ष, अभिलेख संरक्षण और पंचायत की बैठकों के लिए हॉल के रूप में किया जा रहा है। पहले चरण में 2,500 से अधिक भवनों का निर्माण चल रहा है और सरकार ने उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए औचक निरीक्षण की व्यवस्था की है। इस विशेष अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप हो और ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर मिल सके।
निरीक्षण के लिए चयनित भवन अंचलों में शामिल हैं: पटना (41 पंचायतें), पूर्णिया (40), सहरसा (36), दरभंगा (52), मुजफ्फरपुर (36), मोतिहारी (36), छपरा (32), आरा (40), गया (44), मुंगेर (27), और भागलपुर (40)। इंजीनियरों को भवनों की भौतिक स्थिति, प्रयोगशाला जांच प्रतिवेदन, सीमेंट और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और समग्र निर्माण की ग्रेडिंग की जांच कर उसी दिन रिपोर्ट जमा करने का निर्देश है। यह कदम पंचायती राज विभाग में निर्माण कार्यों में लापरवाही की शिकायतों के बाद उठाया गया है।
पंचायती राज विभाग की लापरवाही के कारण कई जिलों में पंचायत भवनों का निर्माण समय पर पूरा नहीं हुआ है। जिससे ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं के लिए दूर जाना पड़ रहा है। इस अभियान से सरकार का लक्ष्य निर्माण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है, ताकि पंचायत स्तर पर प्रशासनिक और न्यायिक कार्य सुचारू रूप से चल सकें। पुलिस और प्रशासन से इस दौरान सुरक्षा और सहयोग सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है।