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14-Sep-2025 07:26 AM
By First Bihar
Bihar Flood: बिहार में एक बार फिर गंगा नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इससे पटना शहर के प्रमुख घाटों भद्रघाट, महावीर घाट, नौजर घाट समेत अन्य घाटों पर गंगा का पानी किनारे के पाथ-वे और संपर्क पथों तक चढ़ आया है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि महावीर घाट पर पानी घुटनों तक पहुंच चुका है, जिससे न केवल वाहनों का परिचालन रोक दिया गया है, बल्कि आमजन के लिए गंगा स्नान और पूजा-पाठ भी जोखिम भरा हो गया है।
महावीर घाट पाथ-वे से दक्षिण दिशा में स्थित मंदिर की सीढ़ियों तक पानी पहुंच जाने के कारण मंदिर का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे मंदिरों की ओर रुख न करें और धार्मिक अनुष्ठान फिलहाल स्थगित रखें।
हालांकि प्रशासन द्वारा वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने और घाटों पर जाने से मना करने के बावजूद कई बाइक सवार, ऑटो चालक और पैदल यात्री गंगा के पानी में घुसकर अपने गंतव्य तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। गंगा पाथ-वे अब पूरी तरह जलमग्न हो चुका है, और इस पर चलना जान जोखिम में डालने के समान है। इसके बावजूद भद्रघाट और महावीर घाट पर बच्चे व युवक पानी में गोते लगाकर अठखेलियां कर रहे हैं, जो किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
गंगा नदी के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए शनिवार को एसडीओ सत्यम सहाय और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी टू राजकिशोर सिंह ने पटना के विभिन्न घाटों का जायजा लिया। दौरे के दौरान उन्होंने हालात की गंभीरता को देखते हुए अजीमाबाद और सिटी अंचल के ईओ को घाटों पर साइनेज बोर्ड लगाने और बैरिकेडिंग करने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा, महिलाओं और बच्चों को घाटों पर न जाने तथा गंगा स्नान से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने एसडीआरएफ को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है, जबकि भद्रघाट पर पहले से तैनात एसएसबी के जवान पूरी तरह मुस्तैद हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, यदि उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में और अधिक बारिश होती है, तो गंगा नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है। इससे पटना समेत गंगा के किनारे बसे अन्य इलाकों में भी जलभराव और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें, अफवाहों पर ध्यान न दें, और आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। घाटों पर अनावश्यक रूप से जाना, बच्चों को खेलने देना, या वाहनों के माध्यम से पानी पार करने की कोशिश करना पूरी तरह वर्जित और खतरनाक है।