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02-Apr-2026 12:41 PM
By First Bihar
BIHAR NEWS : बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा एक बार फिर भूमि सुधार विभाग की ओर से जन संवाद कार्यक्रम के तहत जनता की समस्याएं सुनते नजर आए। यह कार्यक्रम आज छपरा में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतों और समस्याओं को लेकर पहुंचे। जन संवाद के दौरान कई लोगों ने जमीन से जुड़े मामलों में हो रही अनियमितताओं और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर अपनी बात रखी।
इसी क्रम में एक फरियादी ने उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के समक्ष गंभीर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि पिछले लगभग 5 वर्षों से वह एक गलत जमाबंदी के कारण लगातार परेशान हैं। फरियादी के अनुसार उनके पैतृक जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया है और उस पर पक्का मकान तक का निर्माण कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले की शिकायत उन्होंने संबंधित अंचल कार्यालय और एडीपीओ कार्यालय में भी की थी, लेकिन अब तक किसी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
फरियादी ने यह भी कहा कि उन्होंने अंचलाधिकारी से लेकर जिले के सभी संबंधित अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाई, लेकिन हर जगह से केवल आश्वासन ही मिला और न्याय नहीं मिल सका। लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने से वह और उनका परिवार मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मौके पर ही मौजूद अंचलाधिकारी से जवाब तलब किया। उन्होंने पूछा कि आखिर किस आधार पर इस प्रकार की गलत जमाबंदी दर्ज की गई और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी कौन हैं। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि इस मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों की गहन जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि गलती किस स्तर पर हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी पदाधिकारी की लापरवाही या गलत निर्णय के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी तय की जाएगी। विजय कुमार सिन्हा ने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और वास्तविक भूमि स्वामी के पक्ष में ही उचित निर्णय लिया जाए।
इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में यह पाया जाता है कि किसी व्यक्ति ने अवैध रूप से जमीन पर कब्जा कर मकान का निर्माण किया है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि भूमि विवाद जैसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जन संवाद कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री के इस रुख के बाद मौके पर मौजूद लोगों में उम्मीद जगी कि लंबे समय से लंबित भूमि विवादों का समाधान अब तेजी से हो सकता है। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों को भी निर्देश दिया गया कि जनता की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जमीन से जुड़े विवादों में निचले स्तर पर प्रशासनिक कार्यप्रणाली कितनी प्रभावी है और आम लोगों को न्याय पाने के लिए वर्षों तक संघर्ष क्यों करना पड़ता है।