पहले ही मैच में मचाया धमाल… 22 साल के कॉनली की पारी देख चहल भी बोले– ये बनेगा IPL 2026 का सबसे बड़ा स्टार! पति की हत्या के बाद दो बेटों के साथ जहर खाने वाली महिला की मौत, बच्चों की हालत अब भी नाजुक हनुमान जयंती पर बस ये एक चौपाई बदल सकती है किस्मत… मिलेगा बल, बुद्धि और दूर होंगे कष्ट नालंदा शीतला मंदिर भगदड़ मामले में एक्शन, SHO समेत 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड; पंडा समिति पर केस नालंदा शीतला मंदिर भगदड़ मामले में एक्शन, SHO समेत 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड; पंडा समिति पर केस 20 लाख के विवाद में खून… दिनदहाड़े प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या, शूटर्स के सहारे रची गई साजिश ईरान युद्ध का असर अब किचन से लेकर बेडरूम तक, भारत में कंडोम के दाम बढ़ने की आशंका; सप्लाई चेन प्रभावित ईरान युद्ध का असर अब किचन से लेकर बेडरूम तक, भारत में कंडोम के दाम बढ़ने की आशंका; सप्लाई चेन प्रभावित जेल अधीक्षक पर 'सरकारी कृपा' ! DSP के 80 Cr कमाई की चर्चा...2025 में धनकुबेर 'काराधीक्षक' के भ्रष्टाचार ने भी बटोरी थी सुर्खियां, रिजल्ट- नीतीश सरकार ने 'करप्शन' से किया समझौता अस्पताल में फिर दिखी लापरवाही… निरीक्षण में डॉक्टर गायब, भड़के विधायक बोले– अब होगी सख्त कार्रवाई
04-Jan-2026 02:11 PM
By FIRST BIHAR
Bihar News: बिहार सरकार ने कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत कृषि प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना और विस्तार के लिए अनुदान देने का फैसला किया है। नई नीति का उद्देश्य कृषि को केवल खेती तक सीमित न रखकर इसे उद्योग और रोजगार से जोड़ना है।
इस नीति के तहत मखाना, शहद, फल एवं सब्जी प्रसंस्करण, मक्का, बीज, औषधीय और सुगंधित पौधे तथा चाय से जुड़े उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा। न्यूनतम 25 लाख रुपये से लेकर अधिकतम 5 करोड़ रुपये तक की परियोजनाएं इस अनुदान के दायरे में आएंगी। इसका लाभ व्यक्तिगत निवेशक के साथ-साथ प्रोप्राइटरशिप फर्म, साझेदारी फर्म, एलएलपी और किसान उत्पादक कंपनी (FPC) भी ले सकेंगी।
नीति के तहत दी जाने वाली पूंजीगत सब्सिडी पूर्णत: ऋण आधारित होगी, और परियोजना लागत का कम से कम 20 प्रतिशत मियादी ऋण बैंक या वित्तीय संस्थान से लेना अनिवार्य होगा। सरकार का मानना है कि इससे निवेश की गंभीरता बनी रहेगी और योजनाएं कागजों से जमीन पर उतरेंगी।
सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के निवेशकों को 5 प्रतिशत अतिरिक्त पूंजीगत अनुदान मिलेगा। वहीं महिला उद्यमी, एसिड अटैक पीड़ित, युद्ध विधवाएं, दिव्यांग और तृतीय लिंग के निवेशकों को 2 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान का लाभ मिलेगा।
आवेदन करने वाले निवेशक के पास परियोजना भूमि का स्वामित्व होना चाहिए या कम से कम 30 वर्षों के पंजीकृत पट्टा अनुबंध की आवश्यकता होगी। इसके अलावा, भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU) की अनुमति सक्षम प्राधिकारी से लेना अनिवार्य होगा, जिससे औद्योगिक निवेश में कानूनी स्पष्टता बनी रहेगी।
बिहार पहले से ही मखाना और शहद में मजबूत पहचान रखता है। इस नीति से किसानों को बेहतर दाम, स्थानीय रोजगार के अवसर और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। साथ ही, यह योजना बिहार के कृषि क्षेत्र को मूल्यवर्धन और निर्यात की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद करेगी।