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30-Aug-2025 08:30 PM
By First Bihar
ARRAH: भोजपुर आज पूरी तरह वोटर अधिकार यात्रा के रंग में रंगा रहा। सुबह से ही बबुरा के आसपास का इलाका जनसैलाब में बदल गया। सड़कों पर झंडे, बैनर और पोस्टरों की भरमार रही। पूरा आरा–छपरा हाईवे रामबाबू सिंह के बैनरों और स्वागत द्वारों से पटा नजर आया।
सुबह से ही कार्यकर्ताओं का हुजूम बबुरा की ओर बढ़ने लगा। अलग-अलग पंचायतों और गांवों से हाथी, ऊँट, घोड़े और ऊँचे-ऊँचे झंडों के साथ जुलूस पहुंचे। डीजे, गाजे-बाजे और लोकनृत्य की धुन पर समर्थक झूमते रहे। जगह-जगह स्वागत मंच बनाए गए थे, जहां कार्यकर्ता फूल-मालाओं के साथ अपने नेताओं का अभिनंदन करने के लिए डटे थे लेकिन किसी को भी यह मौका नहीं मिल पाया।
बड़हरा में हजारों कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ के साथ अपने नेता का स्वागत करने के लिए शुभ से ही तत्पर बड़हरा के राजद के वरिष्ठ राजद नेता रामबाबू सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि “लालू जी इस जिले को बाघवा जिला कहते हैं। इस जिले में 80 बरस में लोग जवान होते हैं। झमकवला से ना होला… ई भोजपुर के प्रवेश द्वार ह। पावर एहीजे से शुरू होला अउर एहीजे से खत्म भी।”
उन्होंने आगे कहा—“जननायक के स्वागत में बड़हरा की हजारों जनता के साथ हाथी-ऊँट और घोड़ों के साथ हम पारंपरिक लोक शैली के कलाकारों के साथ इस प्रवेश द्वार पर खड़े हैं।”जब उनसे पूछा गया कि भाजपा नेता जननायक शब्द पर तंज कस रहे हैं तो उन्होंने पलटवार किया—“जब पब्लिक उन्हें जननायक कह रही है तो भाजपा के लोगों को पेट में क्यों दर्द हो रहा है।”
दोपहर तक बबुरा–आरा मार्ग पूरी तरह जाम हो गया। हजारों की संख्या में मोटरसाइकिल और चारपहिया वाहनों का काफिला निकल पड़ा। एक तरफ तेजस्वी और दूसरी तरफ अपने प्रिय नेता रामबाबू सिंह के फोटो वाली टी-शर्ट पहने कार्यकर्ताओं के हुजूम ने पूरे माहौल को उत्सव में तब्दील कर दिया।
हालांकि, भारी जनसैलाब और सुरक्षा कारणों से राहुल गांधी और तेजस्वी यादव थोड़ी देर के लिए भी रुक नहीं पाए, लेकिन गाड़ियों के काफिले के बीच से गुजरते समय उनकी मुस्कुराहट और हाथ हिलाना कार्यकर्ताओं के अद्भुत स्वागत का एहसास कराता रहा। राहुल गांधी और तेजस्वी की गाड़ी देखते ही रामबाबू सिंह ने उन्हें रोकना चाहा लेकिन सुरक्षा कारणों से नहीं रुक पाए तो उस काफिले के साथ रामबाबू सिंह आरा कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे।
भोजपुर का माहौल चुनावी जश्न में बदल चुका था। सड़कों पर सिर्फ जनसैलाब नजर आ रहा था। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी जुलूस का हिस्सा बने। कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह टेंट लगाकर खाने-पीने की व्यवस्था की थी। बाहर से आए मेहमानों का पारंपरिक आतिथ्य और भोजपुर की संस्कृति से स्वागत किया गया। आज का दिन भोजपुर के राजनीतिक इतिहास में यादगार बन गया। वोटर अधिकार यात्रा को लेकर जो उत्साह दिखा, उसने आने वाले सभा के लिए चुनावी जमीन को और भी मजबूत कर दिया है।