BEGUSARAI: भाजपा के संघर्षकाल के जांबाज सिपाही और पूर्व जिला अध्यक्ष रामलखन सिंह की सेहत अचानक बिगड़ गई है। जेल में सजा काट रहे रामलखन सिंह को उनकी खराब तबीयत और लगातार हो रहे डायलिसिस को देखते हुए मंगलवार देर रात सदर अस्पताल, बेगूसराय में भर्ती कराया गया।


मिली जानकारी के अनुसार, बरौनी थाना कांड संख्या 406/92 में दोषसिद्ध होने के बाद अदालत ने उन्हें सजावार किया है। जेल अधीक्षक द्वारा सूचना देने पर अस्पताल पहुंचकर स्वास्थ्य की जानकारी ली गई। डॉक्टरों ने उनकी बिगड़ती हालत को देखते हुए आईसीयू में भर्ती किया और विशेष इलाज की व्यवस्था की।


अदालत का फैसला

इसी मामले में पूर्व सांसद सुरजभान सिंह को धारा 353 के तहत एक वर्ष की सजा हुई, जिसके कारण उन्हें जमानत मिल गई। जबकि रामलखन सिंह को सत्र वाद संख्या 375/93 में विशेष न्यायालय एडीजे-2 ने अलग-अलग धाराओं में सज़ा सुनाई है—

धारा 307 (जानलेवा हमला) – 4 साल

धारा 353 (सरकारी काम में बाधा) – 1 साल

शस्त्र अधिनियम धारा 25(1-b) – 2 साल

शस्त्र अधिनियम धारा 26 व 27 – 3-3 साल


यह वही प्रकरण है जिसमें अपराधियों और पुलिस गठजोड़ के हमले का शिकार खुद रामलखन सिंह हुए थे। लेकिन बचाव के दौरान उन्हीं पर मुकदमा कर दिया गया था। भाजपा कार्यकर्ता इस पूरे मामले को राजनीतिक संघर्षकाल की दुर्भाग्यपूर्ण घटना मानते हैं।


राजनीतिक सफर

रामलखन सिंह का राजनीति में लंबा और संघर्षपूर्ण सफर रहा है।

वर्ष 1996 में उन्होंने बलिया लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और भाकपा उम्मीदवार शत्रुघ्न प्रसाद सिंह से हार गए। हालांकि उन्हें 1 लाख 80 हजार से अधिक वोट मिले थे।

उन्होंने मटिहानी से एक बार, बरौनी से चार बार और बछवारा से एक बार चुनाव लड़ा। हालांकि बछवारा में उनका नामांकन रद्द हो गया था।

वे दो बार भाजपा जिला अध्यक्ष रहे और पार्टी संगठन में प्रदेश मंत्री के पद पर भी कार्य किया।


बेगूसराय भाजपा के लिए योगदान

बेगूसराय भाजपा के शुरुआती दिनों में संगठन खड़ा करने और पार्टी को जन-जन तक पहुंचाने में रामलखन सिंह की अहम भूमिका रही है। पार्टी कार्यकर्ता आज भी उनके संघर्ष और योगदान को याद करते हैं।