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08-Sep-2025 10:00 PM
By First Bihar
ARARIA: नेपाल में ओली सरकार द्वारा 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगाए गए प्रतिबंध खिलाफ नेपाली जनता उग्र हो गई है। खासकर बड़ी संख्या में युवा वर्ग सड़क पर उतरकर दिनभर ओली सरकार के इस निर्णय के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। यूट्यूब सहित सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगाए प्रतिबंधों के विरोध में जेन-जी पीढ़ी के युवाओं का गुस्सा इस तरह फूट पड़ा है कि सरकार को इससे निबटने के लिए सेना को सड़क पर उतारना पड़ गया है।
सोमवार को राजधानी काठमांडू सहित पहाड़ी और तराई इलाकों के शहरों में हजारों की संख्या में युवा सड़कों पर उतर आए और प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।भारतीय सीमा से सटे नेपाल के विराटनगर, इटहरी, दुहबी,कप्तानगंज,दीवानगंज,राजविराज, धरान,बीरगंज आदि शहरों में युवाओं ने उग्र प्रदर्शन किया। जोगबनी बॉर्डर पर भी युवाओं को द्वारा सरकार के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध के निर्णय के खिलाफ प्रदर्शन किया।फलस्वरूप भारतीय सीमा क्षेत्र में सुरक्षा में लगे एसएसबी जवानों और थाना पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है।सरकार के खिलाफ यह प्रदर्शन जेन जी के बैनर तले किया जा रहा है।
हजारों की संख्या में जोगबनी सीमा से सटे नेपाल के विराटनगर में कोसी प्रदेश के राजधानी में प्रदेश सभा भवन के आगे सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगाए गए बेरिकेट को युवाओं के समूह ने तोड़ दिया और उग्र प्रदर्शन किया। इससे पूर्व अस्पताल चौक पर पुलिस और प्रदर्शनकारी के बीच झड़प हुई थी। जिसके बाद आंदोलनकारी गोलबंद होते हुए फिर से प्रदेश सभा परिसर के आगे जमा हो गए और प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने विराटनगर महानगरपालिका, मालपोत कार्यालय ,जिला प्रशासन कार्यालय में भी नारेबाजी और प्रदर्शन किया।प्रदेश सभा के आगे भी प्रदर्शनकारी और पुलिस के बीच झड़प हुई।
जोगबनी -विराटनगर रोड में भी प्रदर्शनकारी दिनभर डटे रहे।महानगरपालिका के आगे पत्थरबाजी की पुष्टि मोरंग पुलिस कंट्रोल रूम ने भी की।नेपाल में स्थिति तनावपूर्ण रहने के कारण अतिरिक्त सुरक्षा बल के साथ सेना को सड़क पर उतार दिया गया है। नेपाल में जारी आंदोलन को लेकर अररिया एसपी अंजनी कुमार ने सीमा क्षेत्र के सभी थाना और आउट पोस्ट को हाई अलर्ट किया है।वहीं एसएसबी को भी अलर्ट मोड में रहते हुए नेपाल की स्थिति पर नजर बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
मामले को लेकर अररिया एसपी अंजनी कुमार ने कहा कि नेपाल की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।बॉर्डर से लगने वाले सभी थाना के थानाध्यक्षों को हाई अलर्ट पर रहने की हिदायत के साथ सीमा क्षेत्र में गश्ती लगातार जारी रखने को कहा गया है।इसके सीमा सुरक्षा में लगे एसएसबी के साथ भी समन्वय बनाकर काम करने को निर्देशित किया गया है। एसएसबी 52वीं बटालियन के कमांडेंट महेन्द्र प्रताप ने नेपाल में जारी हिंसक आंदोलन को लेकर सीमा की सभी बाह्य चौकी को अलर्ट रहने को निर्देशित करने की बात कही गई है।नेपाल से हरेक आने जाने वालों पर कड़ी निगरानी की साथ उनके समानों की सघन जांच करवाया जा रहा है।साथ ही खुली सीमा क्षेत्र में गश्ती को तेज किया गया है।
उल्लेखनीय हो कि नेपाल में यह विरोध प्रदर्शन नेपाल सरकार के उस फैसले के खिलाफ है, जिसमें 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाया गया है। सरकार ने उन प्लेटफॉर्म्स को बंद कर दिया है जिन्होंने पंजीकरण के लिए दी गई समय-सीमा का पालन नहीं किया। प्रतिबंधित प्लेटफॉर्म्स में फेसबुक, एक्स, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे लोकप्रिय ऐप शामिल हैं।हालांकि नेपाल इंटरनेट सेवा प्रदाता संघ एनटीसी ने सरकार के इस फैसले को लेकर आपत्ति व्यक्त की थी।नेपाल में इंटरनेट सेवा मामले में नियम है कि पहले एनटीसी से विचार और उसे जानकारी देने के बाद सेवा शुरू या प्रतिबंध का निर्णय ले सकता है। लेकिन इस मामले में नेपाल कि ओली सरकार ने एनटीसी से परमिशन या राय मशवरा नहीं लिया। नेपाल के युवाओं का मानना है कि यह कदम उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन है।





अररिया से राजेश कुमार की रिपोर्ट
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