ब्रेकिंग
Bihar News: जहानाबाद सदर अस्पताल में जनरेटर बिल में हुए फर्जीवाड़े की जांच रिपोर्ट कहां है... क्या मामले को दबाने की हो रही कोशिश ?✦महिला ने एक साथ 2 बेटे और 2 बेटियों को दिया जन्म, चारों नवजात स्वस्थ, परिवार में खुशी का माहौल ✦पटना MLC चुनाव में PK का बड़ा ऐलान: शिक्षकों को 7वां वेतनमान और 10 हजार पढ़े-लिखे युवाओं को नौकरी का दावा✦‘किसी भी बेटी को अगर कोई छू ले तो 24 घंटे में सलाखों के पीछे होगा’, युवा संवाद में बोले सीएम सम्राट चौधरी✦मिट्ठू लाओ-50 हजार का ईनाम पाओ: बिल्ली की डर से उड़ा 14 साल पुराना तोता, पूरे इलाके में मालिक ने लगाया पोस्टर ✦Bihar News: जहानाबाद सदर अस्पताल में जनरेटर बिल में हुए फर्जीवाड़े की जांच रिपोर्ट कहां है... क्या मामले को दबाने की हो रही कोशिश ?✦महिला ने एक साथ 2 बेटे और 2 बेटियों को दिया जन्म, चारों नवजात स्वस्थ, परिवार में खुशी का माहौल ✦पटना MLC चुनाव में PK का बड़ा ऐलान: शिक्षकों को 7वां वेतनमान और 10 हजार पढ़े-लिखे युवाओं को नौकरी का दावा✦‘किसी भी बेटी को अगर कोई छू ले तो 24 घंटे में सलाखों के पीछे होगा’, युवा संवाद में बोले सीएम सम्राट चौधरी✦मिट्ठू लाओ-50 हजार का ईनाम पाओ: बिल्ली की डर से उड़ा 14 साल पुराना तोता, पूरे इलाके में मालिक ने लगाया पोस्टर

कौन है चमकी से हुई मौत का गुनहगार? सरकारी फाइव स्टार हॉस्पिटल तक क्यों नहीं पहुंचे बच्चे? देखिए.. फर्स्ट बिहार-झारखंड की इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट

PATNA: बिहार में चमकी बुखार से लगभग डेढ़ सौ से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में मासूमों की मौत का सिलसिला अब भी रुका नहीं है। विधानमंडल के मानसून सत्र में

FirstBihar
Admin
3 मिनट
PATNA: बिहार में चमकी बुखार से लगभग डेढ़ सौ से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में मासूमों की मौत का सिलसिला अब भी रुका नहीं है। विधानमंडल के मानसून सत्र में विपक्ष ने सत्तापक्ष की घेराबंदी कर रखी है और राज्य सरकार लगातार यह दावा कर रही है कि उसने चमकी से मुकाबले के लिए पूरी ताकत लगा रखी है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार को भी हलफनामा दाखिल कर यह बताना पड़ा है कि मासूमों की जिंदगी बचाने के लिए कौन से प्रयास किए गए। https://www.youtube.com/watch?v=7sEO2ou8oBo बिहार में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था कि हर तरफ आलोचना हो रही है लेकिन फर्स्ट बिहार झारखंड जो सवाल उठाने जा रहा है वह आपको भी सोचने पर मजबूर कर देगा कि क्या मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों में से कुछ की जान नहीं बचाई जा सकती थी? चमकी बुखार का सामना कर रहे मुजफ्फरपुर में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनाने का एलान केंद्र सरकार ने कर दिया है। राज्य सरकार भी इसके निर्माण में मदद करेगी लेकिन इस सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के बनने में कम से कम 2 साल का वक्त लगेगा। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि सरकार मुजफ्फरपुर में जिस तरह के हॉस्पिटल का निर्माण कराने जा रही है उससे कहीं ज्यादा मेडिकल फैसिलिटी वाला हॉस्पिटल पटना में मौजूद है। राजधानी पटना के अगमकुआं स्थित RMRI एक ऐसा ही मेडिकल रिसर्च हॉस्पिटल है जिसे भारत सरकार का स्वास्थ्य मंत्रालय संचालित करता है। RMRI के अंदर पिछले साल जनवरी महीने 100 बेड वाले ट्रॉपिकल डिजीज सेंटर की शुरुआत की गई थी जिसका उद्घाटन तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में किया था। अत्याधुनिक मेडिकल फैसिलिटी से लैस RMRI खास बीमारियों में बेहतर इलाज की सुविधा दे सकता है लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि RMRI के ट्रॉपिकल डिजीज सेंटर में हर इंतजाम होने के बावजूद पेसेंट को एडमिट नहीं किया जाता। बिहार के अंदर चल रहे केंद्र सरकार के इतने बड़े मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट और हॉस्पिटल की भूमिका AES और चमकी बुखार के मामले में क्या रही इस सवाल पर RMRI ने चुप्पी साध रखी है। फर्स्ट बिहार झारखंड की टीम जब RMRI यह जानने के लिए पहुंची की आखिर चमकी बुखार को लेकर इस बड़े मेडिकल रिसर्च हॉस्पिटल ने क्या कुछ किया तो RMRI में पिछले डेढ़ दशक से चल रहा खेल सामने आ गया। आप भी देखिए फर्स्ट बिहार झारखंड की यह इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट।
रिपोर्टिंग
4

रिपोर्टर

4

FirstBihar संवाददाता