Vaibhav Suryavanshi: समस्तीपुर के ताजपुर में इन दिनों उत्सव जैसा माहौल है। गांव-गांव और चौक-चौराहों पर सिर्फ एक ही नाम की चर्चा हो रही है—वैभव सूर्यवंशी। महज 15 साल 3 महीने की उम्र में भारतीय टीम के इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के लिए चयनित होकर वैभव ने न केवल समस्तीपुर बल्कि पूरे बिहार को गौरवान्वित किया है। चयन की खबर मिलते ही लोगों ने मिठाइयां बांटीं और एक-दूसरे को बधाई देकर अपनी खुशी जाहिर की।
वैभव के शुरुआती कोच बृजेश झा का मानना है कि यह युवा खिलाड़ी आने वाले समय में बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन करेगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने वैभव को करीब से देखा और प्रशिक्षित किया है। उसके अंदर सीखने की अद्भुत ललक है और जो भी जिम्मेदारी उसे दी जाती थी, वह उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ पूरा करता था।
बृजेश झा ने कहा कि वैभव में बड़े मंच पर सफल होने की सभी खूबियां मौजूद हैं। मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति उसकी प्रतिबद्धता ही उसे अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाती है। यही गुण उसे भविष्य में भारतीय क्रिकेट का बड़ा सितारा बना सकते हैं।
इंग्लैंड दौरे को लेकर भी कोच पूरी तरह आश्वस्त हैं। उनका कहना है कि इंग्लैंड की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां और स्विंग वाली पिचें वैभव के आत्मविश्वास या प्रदर्शन को प्रभावित नहीं कर पाएंगी। वह परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना जानता है और हर चुनौती का सामना करने की क्षमता रखता है। कोच को विश्वास है कि वैभव विदेशी धरती पर भी अपने खेल से सभी को प्रभावित करेगा और भारतीय टीम के लिए अहम योगदान देगा।
बृजेश झा बताते हैं कि उन्होंने वैभव के भीतर छिपी प्रतिभा को तब पहचान लिया था, जब वह महज पांच साल का था। बचपन से ही उसकी एकाग्रता, सीखने की इच्छा और क्रिकेट के प्रति समर्पण अन्य बच्चों से अलग था। तभी से उन्हें भरोसा था कि यह खिलाड़ी एक दिन भारतीय क्रिकेट में बड़ा मुकाम हासिल करेगा।
बिहार के छोटे से कस्बे ताजपुर से निकलकर भारतीय टीम तक पहुंचना किसी सपने के सच होने जैसा है। वैभव की सफलता ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा बड़े शहरों की मोहताज नहीं होती। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने जुनून, मेहनत और लगन के दम पर भारतीय टीम तक का सफर तय किया है।
कोच बृजेश झा ने कहा कि संजीव सूर्यवंशी के बेटे वैभव ने उनकी उम्मीदों को सच साबित किया है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके शिष्य अनुकूल राय ने भी क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर उन्हें गर्व है।
वैभव के चयन के लिए समस्तीपुर समेत पूरे बिहार के लोग लंबे समय से प्रार्थना कर रहे थे। जैसे ही चयन की खबर सामने आई, लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अब क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि वैभव अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से विदेशी पिचों पर भी छाप छोड़ेंगे और भारत का नाम रोशन करेंगे। उनकी कहानी उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो छोटे शहरों और गांवों से निकलकर बड़े सपने देखते हैं।
समस्तीपुर के खेल प्रेमियों को अब उस दिन का इंतजार है, जब वैभव भारतीय जर्सी पहनकर इंग्लैंड के मैदान पर उतरेंगे। लोगों को भरोसा है कि समस्तीपुर का यह लाल अपने बल्ले से भारत को गौरवान्वित करेगा और नई पीढ़ी के लिए एक नई मिसाल कायम करेगा।

