धर्ममाघ मास के प्रमुख व्रत और पर्व, जानिए तारीख और महत्व
माघ मास हिंदू कैलेंडर का एक अत्यंत महत्वपूर्ण महीना होता है, जो धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से बहुत विशेष माना जाता है। इस महीने में कई प्रमुख व्रत और पर्व आते हैं, जिनका विशेष महत्व है।

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धर्ममाघ मास हिंदू कैलेंडर का एक अत्यंत महत्वपूर्ण महीना होता है, जो धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से बहुत विशेष माना जाता है। इस महीने में कई प्रमुख व्रत और पर्व आते हैं, जिनका विशेष महत्व है।
धर्महमारे घरों में दादी-नानी अक्सर हमें कुछ कार्यों से मना करती हैं, जिनमें से एक है रात के समय कपड़े बाहर सुखाने से रोकना। बच्चों को यह सलाह कभी-कभी अजीब सी लगती है और वे सोचते हैं कि यह सिर्फ एक पारंपरिक विश्वास है।
धर्मवृंदावन के मशहूर कथावाचक और संत प्रेमानंद जी महाराज अपने प्रवचनों के माध्यम से लोगों को अध्यात्म और धर्म से जोड़ने का काम करते हैं। उनका प्रवचन न केवल श्रद्धालुओं को धार्मिक मार्गदर्शन प्रदान करता है।
धर्मस्वामी अवधेशानंद जी गिरि, एक प्रसिद्ध संत और अध्यात्मिक मार्गदर्शक, अपने जीवन सूत्रों के माध्यम से हमे यह सिखाते हैं कि भय और भ्रम से मुक्ति के लिए आत्म-ज्ञान और सत्य का अनुसरण करना अत्यंत आवश्यक है।
Breakingधर्मMaha Kumbh 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भतीजे सचिन मोदी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. सचिन महाकुंभ में कबीर का भजन गाते दिख रहे हैं.
Breakingधर्मMaha Kumbh 2025: प्रयागराज में लगे महाकुंभ में जाने वाले करोड़ों लोगों की भीड़ को देखते हुए रेलवे हर दिन महाकुंभ स्पेशल ट्रेन का परिचान कर रहा है. 19 जनवरी को रेलवे के लिए कुल 49 महाकुंभ स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है.
धर्मभारतीय संस्कृति और परंपरा में देवी-देवताओं की पूजा हर घर में की जाती है, और हिंदू धर्म में 33 करोड़ देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। भगवान की उपासना से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, और यह व्यक्ति के जीवन को सुखमय और समृद्ध बनाता है।
धर्मआचार्य चाणक्य, जिन्होंने अपने नीति शास्त्र के माध्यम से जीवन को सरल और सफल बनाने के कई महत्वपूर्ण सिद्धांत दिए, उनमें से एक प्रमुख सिद्धांत है निवास स्थान का चयन। चाणक्य के अनुसार, जीवन की गुणवत्ता का सीधा संबंध उस स्थान से है जहां हम निवास करते हैं।
धर्मसाल 2025 में देवघर में बैद्यनाथ महोत्सव का आयोजन एक ऐतिहासिक घटना है, क्योंकि यह आठ साल बाद फिर से हो रहा है। इस महोत्सव का आयोजन 6 मार्च से 8 मार्च 2025 तक देवघर के केकेएन स्टेडियम में किया जाएगा।
धर्ममासिक कालाष्टमी व्रत हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। यह व्रत भगवान काल भैरव की पूजा के लिए समर्पित है, जो तंत्र-मंत्र के देवता माने जाते हैं। माघ मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाले इस व्रत के साथ द्विपुष्कर योग का संयोग बना है।
धर्मसाल 2025 की पहली अमावस्या 29 जनवरी को आ रही है, जो खास और दुर्लभ संयोग लेकर आई है। यह अमावस्या 'मोनी अमावस्या' के रूप में मनाई जाएगी, और इस दिन महाकुंभ का शाही स्नान भी होगा, जो 144 वर्षों बाद हो रहा है।
धर्महोलिका दहन और होली का त्योहार भारतीय संस्कृति में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है, जिसे विशेष रूप से रंगों, खुशियों और रिश्तों की मजबूती का प्रतीक माना जाता है।