Dhirendra Shastri: गयाजी पहुंचे बागेश्वर धाम वाले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, पीएम मोदी को दे दी बड़ी नसीहत

Dhirendra Shastri: 13 सितंबर को पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उर्फ बाबा बागेश्वर गयाजी पहुंचे, बोधगया में त्रिपिंडी श्राद्ध और भागवत कथा करेंगे, भारत को विश्व गुरु और हिंदू राष्ट्र बनाने पर दिया जोर।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Sep 13, 2025, 2:46:08 PM

Dhirendra Shastri

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Dhirendra Shastri: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शनिवार को को गयाजी पहुंचे। वह विशेष विमान से दोपहर करीब 12 बजे गया हवाई अड्डे पर उतरे। इसके बाद वे बोधगया के लिए रवाना हो गए। बोधगया में स्थित एक होटल में उनका कार्यक्रम आयोजित है, जहां वे त्रिपिंडी श्राद्ध और भागवत कथा सीमित भक्तों के बीच करेंगे। 


गया एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बोधगया के संबोधि रिजॉर्ट ले जाया गया, जहां वे अगले कई दिनों तक प्रवास करेंगे। इस दौरान बाबा बागेश्वर ने नेपाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जयघोष को अभूतपूर्व बताया। उन्होंने कहा कि नेपाल हमारे पड़ोसी देशों में से एक है, इसलिए पड़ोसी देशों की चिंता भी करनी चाहिए। अपने देश की स्थिति के प्रति हमेशा अलर्ट रहना आवश्यक है। सामाजिक समरसता ही देश को बचाने का आधार है। उन्होंने बताया कि हमारी सनातनी विचारधारा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की रही है।


पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भारत विश्व गुरु बनने की राह पर है, लेकिन इसके लिए शिक्षा और स्वास्थ्य मुफ्त होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देश में दारु सस्ती और दवाइयां महंगी हैं, जिस पर विचार करना जरूरी है। अगर इस दिशा में सुधार हुआ तो भारत को विश्व गुरु बनने से कोई रोक नहीं सकता।


आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि वे गयाजी पवित्र नगरी में भगवान विष्णु के चरण स्पर्श के लिए आए हैं। उनका उद्देश्य भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना है। वर्तमान में भारत विचारों में अघोषित रूप से हिंदू राष्ट्र है और आने वाले समय में विश्व गुरु बनने की दिशा में अग्रसर है। 


उन्होंने यह भी घोषणा की कि 7 नवंबर से 16 नवंबर तक वे दिल्ली से वृंदावन तक पदयात्रा करेंगे। इस पदयात्रा के लिए वे भगवान विष्णु के चरणों में आशीर्वाद लेने गयाजी आए हैं। उन्होंने गयाजी को भगवान बुद्ध और विष्णु की नगरी बताते हुए कहा कि यह सनातनी धर्म का एक बड़ा संगम स्थल है।