ब्रेकिंग
बांका मंदार पर्वत छेड़खानी मामले का मुख्य आरोपी अब्दुल्लाह कोलकाता से अरेस्ट, दूध देने जा रही युवती को बनाया था शिकार✦पटना में गली के विवाद को लेकर दो पक्षों में झड़प, सास की मौत; बहू गंभीर, NH-80 पर उतरे ग्रामीण✦Bihar Flood News: बगहा में बाढ़ का कहर, 100 घरों में घुसा कमर तक पानी; वाल्मीकिनगर-बगहा सड़क जलमग्न✦BSEB के तीन कर्मचारियों पर गिरी गाज, फर्जी डिग्री के सहारे 30 साल से कर रहे थे नौकरी✦Bihar News: CSP संचालक से 3 लाख की लूट का आरोपी गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद✦बांका मंदार पर्वत छेड़खानी मामले का मुख्य आरोपी अब्दुल्लाह कोलकाता से अरेस्ट, दूध देने जा रही युवती को बनाया था शिकार✦पटना में गली के विवाद को लेकर दो पक्षों में झड़प, सास की मौत; बहू गंभीर, NH-80 पर उतरे ग्रामीण✦Bihar Flood News: बगहा में बाढ़ का कहर, 100 घरों में घुसा कमर तक पानी; वाल्मीकिनगर-बगहा सड़क जलमग्न✦BSEB के तीन कर्मचारियों पर गिरी गाज, फर्जी डिग्री के सहारे 30 साल से कर रहे थे नौकरी✦Bihar News: CSP संचालक से 3 लाख की लूट का आरोपी गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद

Dhanteras 2024: धनतेरस आज, जानें पूजन का शुभ मुहूर्त, खरीदारी का समय और विधि

DESK : हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। यह पर्व 29 अक्टूबर यानी आज मनाया जा रहा है। धनतेरस के दिन सोना, चांदी, बर्तन, वाहन, घर, भू

Dhanteras 2024: धनतेरस आज, जानें पूजन का शुभ मुहूर्त, खरीदारी का समय और विधि
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

DESK : हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। यह पर्व 29 अक्टूबर यानी आज मनाया जा रहा है। धनतेरस के दिन सोना, चांदी, बर्तन, वाहन, घर, भूमि आदि खरीदी जाती है।


धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर किसी भी वस्तु की खरीदारी करने से धन में कई गुना अधिक वृद्धि होती है। धनतेरस को धन्वंतरि जयंती के नाम से इसलिए जानते हैं क्योंकि इस दिन आयुर्वेद के प्रवर्तक धन्वंतरि जी प्रकट हुए थे।


धनतेरस का नाम धन और तेरस ये दो शब्दों से बना है जिसमें धन का मतलब संपत्ति और समृद्धि है और तेरस का अर्थ है पंचांग की तेरहवीं तिथि। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देवता की उपासना की जाती है।


धन त्रयोदशी की तिथि 29 अक्टूबर यानी आज सुबह 10 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी और तिथि का समापन 30 अक्टूबर यानी कल दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर होगा। प्रदोष काल आज शाम 5 बजकर 38 मिनट से रात 8 बजकर 13 मिनट तक रहेगा।


धनतेरस का पूजन सायंकाल में किया जाता है. जिसका मुहूर्त आज शाम 6 बजकर 31 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। यानी धनतेरस के पूजन के लिए 1 घंटा 42 मिनट का समय मिलेगा।