ब्रेकिंग
खान सर के खिलाफ FIR की मांग को लेकर थाने में धरना पर बैठे रौशन आनंद, पुलिस पर लगाया केस दर्ज नहीं करने का आरोपप्रसव के दौरान महिला की मौत: गुस्साए परिजनों ने किया सड़क जाम, डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोपभाई की मौत के बाद न्याय की तलाश में संजय झा से मिलने पहुंचे रौशन आनंद, निष्पक्ष जांच की उठाई मांगबिहार के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी का तोहफा, सीधी नियुक्ति नियमावली 2026 को कैबिनेट की मंजूरीBihar Cabinet Meeting: CM सम्राट कराएंगे सिंधु दर्शन...प्रति तीर्थयात्री 20 हजार रू भी मिलेगा, सरकार का बड़ा फैसला खान सर के खिलाफ FIR की मांग को लेकर थाने में धरना पर बैठे रौशन आनंद, पुलिस पर लगाया केस दर्ज नहीं करने का आरोपप्रसव के दौरान महिला की मौत: गुस्साए परिजनों ने किया सड़क जाम, डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोपभाई की मौत के बाद न्याय की तलाश में संजय झा से मिलने पहुंचे रौशन आनंद, निष्पक्ष जांच की उठाई मांगबिहार के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी का तोहफा, सीधी नियुक्ति नियमावली 2026 को कैबिनेट की मंजूरीBihar Cabinet Meeting: CM सम्राट कराएंगे सिंधु दर्शन...प्रति तीर्थयात्री 20 हजार रू भी मिलेगा, सरकार का बड़ा फैसला

Chandra Grahan 2026: होली से पहले लगने जा रहा साल का पहला चंद्र ग्रहण, सुबह से ही प्रभावी रहेगा सूतक काल; जानिए.. सही समय और नियम

Chandra Grahan 2026: 3 मार्च 2026 को लगने वाले विशेष चंद्र ग्रहण के कारण सुबह से ही सूतक काल प्रभावी रहेगा। जानिए ग्रहण का समय, सूतक की अवधि और इस दौरान बरती जाने वाली जरूरी सावधानियां।

Chandra Grahan 2026
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Chandra Grahan 2026: आगामी 4 मार्च को होली का त्योहार मनाया जाएगा लेकिन इससे ठीक पहले यानी 3 मार्च 2026 को विशेष चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, जिसके कारण इसका धार्मिक महत्व बढ़ गया है। ग्रहण के दृश्य होने की स्थिति में सूतक काल के नियम मान्य होते हैं और इसे अशुभ समय माना जाता है।


धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले आरंभ हो जाता है और ग्रहण समाप्त होते ही खत्म हो जाता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सूतक काल सुबह 09:39 बजे से शुरू होकर शाम 06:46 बजे तक प्रभावी रहेगा। वहीं, चंद्र ग्रहण दोपहर 3 बजकर 21 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए सूतक दोपहर 03:28 बजे से प्रभावी माना जाएगा।


सूतक काल के दौरान घर के मंदिर के कपाट बंद रखने, मूर्तियों को स्पर्श न करने और भोजन न बनाने तथा न करने की सलाह दी जाती है। इस अवधि में विवाह, सगाई, गृह प्रवेश या नए व्यवसाय की शुरुआत जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने और घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। साथ ही ग्रहण के दौरान तुलसी के पौधे को छूना भी वर्जित माना जाता है।


हालांकि धार्मिक दृष्टि से सूतक को अशुभ माना जाता है, लेकिन आध्यात्मिक रूप से यह समय जप, ध्यान और ईश्वर स्मरण के लिए उपयुक्त बताया गया है। ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान कर दान-पुण्य करने की परंपरा भी प्रचलित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक से पहले दूध, दही और अन्य खाद्य पदार्थों में तुलसी के पत्ते डालकर रखने की परंपरा है।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता