ब्रेकिंग
‘जहां जीतेंगे, वहां 10 हजार नौकरी देंगे’, MLC उम्मीदवारों की घोषणा के बाद प्रशांत किशोर का बड़ा एलानBihar MLC Election : MLC चुनाव में जन सुराज की एंट्री, दरभंगा से पटना तक 5 उम्मीदवार मैदान में; देखें पूरी लिस्टBihar MLC Election 2026 : अनंत सिंह की बगावत के बाद एक्शन में नीतीश कुमार, नीरज की जीत के लिए चला 'अमोघ अस्त्र'! ललन सिंह से मुलाकात के बाद क्या बदलेगा खेल?अनंत-नीरज की लड़ाई में क्यों चुप हैं नीतीश कुमार? ‘पंच परमेश्वर’ बनने से क्यों बच रहे JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कहीं यह सोची-समझी रणनीति तो नहीं?Bihar News : डायल-112 टीम पर हमला पड़ेगा महंगा, थानेदार पर होगी कार्रवाई; बिहार पुलिस मुख्यालय का सख्त आदेश‘जहां जीतेंगे, वहां 10 हजार नौकरी देंगे’, MLC उम्मीदवारों की घोषणा के बाद प्रशांत किशोर का बड़ा एलानBihar MLC Election : MLC चुनाव में जन सुराज की एंट्री, दरभंगा से पटना तक 5 उम्मीदवार मैदान में; देखें पूरी लिस्टBihar MLC Election 2026 : अनंत सिंह की बगावत के बाद एक्शन में नीतीश कुमार, नीरज की जीत के लिए चला 'अमोघ अस्त्र'! ललन सिंह से मुलाकात के बाद क्या बदलेगा खेल?अनंत-नीरज की लड़ाई में क्यों चुप हैं नीतीश कुमार? ‘पंच परमेश्वर’ बनने से क्यों बच रहे JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कहीं यह सोची-समझी रणनीति तो नहीं?Bihar News : डायल-112 टीम पर हमला पड़ेगा महंगा, थानेदार पर होगी कार्रवाई; बिहार पुलिस मुख्यालय का सख्त आदेश

प्रयागराज दौरे पर पीएम मोदी, लेटे हुए हनुमान जी का करेंगे दर्शन; जानें इस मंदिर के पीछे का इतिहास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज प्रयागराज के दौरे पर हैं, जहां वे महाकुंभ 2025 से जुड़ी 7,000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। अपने दौरे के दौरान पीएम मोदी संगम तट स्थित ऐतिहासिक "लेटे

प्रयागराज दौरे पर पीएम मोदी, लेटे हुए हनुमान जी का करेंगे दर्शन; जानें इस मंदिर के पीछे का इतिहास
User1
2 मिनट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज प्रयागराज के दौरे पर हैं, जहां वे महाकुंभ 2025 से जुड़ी 7,000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। अपने दौरे के दौरान पीएम मोदी संगम तट स्थित ऐतिहासिक "लेटे हुए हनुमान जी" मंदिर, अक्षय वट मंदिर समेत अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन करेंगे।


लेटे हुए हनुमान मंदिर का इतिहास और महत्व

प्रयागराज में गंगा किनारे स्थित यह मंदिर लगभग 600 वर्ष पुराना माना जाता है। यहां हनुमान जी की 20 फीट लंबी और 7 फीट गहरी दक्षिणाभिमुखी प्रतिमा विश्राम अवस्था में विराजमान है। प्रतिमा में उनके बाएं हाथ में गदा और दाहिने हाथ में राम-लक्ष्मण दिखते हैं। यह देश का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां हनुमान जी लेटी हुई मुद्रा में पूजे जाते हैं।


कहा जाता है कि लंका विजय के बाद लौटते समय हनुमान जी थकान महसूस कर रहे थे, और माता सीता के कहने पर उन्होंने संगम तट पर विश्राम किया। इसके बाद इस स्थान पर यह अनोखा मंदिर बना।


मुगल इतिहास और अकबर की हार

इस मंदिर से मुगलों का भी इतिहास जुड़ा है। अकबर के सैनिकों ने प्रतिमा को हटाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। मान्यता है कि जैसे-जैसे सैनिक प्रतिमा को उठाने की कोशिश करते, उसका वजन बढ़ता गया और वह जमीन में धंसती चली गई। इस घटना के बाद अकबर ने इसे हटाने का प्रयास छोड़ दिया।


गंगा और लेटे हनुमान जी की अद्भुत घटना

माना जाता है कि हर वर्ष बरसात के दिनों में गंगा का जलस्तर बढ़ने पर स्वयं गंगा मइया आकर हनुमान जी को स्नान कराती हैं। इस घटना से मंदिर की ख्याति और भी बढ़ी, और यहां माघ मेला आयोजित होने लगा।


पीएम मोदी के इस दौरे से महाकुंभ 2025 की तैयारियों को नया आयाम मिलेगा। साथ ही, उनके इस ऐतिहासिक मंदिर के दर्शन और साधु-संतों से मुलाकात से श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है।