ब्रेकिंग
बिहार में सनसनीखेज वारदात: इंजीनियरिंग के छात्र ने प्रेमिका के भाई की ले ली जान, हत्या की साजिश में AI का इस्तेमालपटना में गंगा स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा, तीन बच्चों की डूबने से मौतअगर अपराधी सरेंडर करता है, तो क्या उसे गोली मार दी जाएगी? भरत तिवारी एनकाउंटर पर घमासान के बीच नीतीश कुमार का पुराना बयान वायरलBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकBihar News: 22 कोच वाली नई ट्रेन शुरू, राजस्थान से बिहार तक का सफर होगा सुविधाजनक; देखें पूरा रूटबिहार में सनसनीखेज वारदात: इंजीनियरिंग के छात्र ने प्रेमिका के भाई की ले ली जान, हत्या की साजिश में AI का इस्तेमालपटना में गंगा स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा, तीन बच्चों की डूबने से मौतअगर अपराधी सरेंडर करता है, तो क्या उसे गोली मार दी जाएगी? भरत तिवारी एनकाउंटर पर घमासान के बीच नीतीश कुमार का पुराना बयान वायरलBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकBihar News: 22 कोच वाली नई ट्रेन शुरू, राजस्थान से बिहार तक का सफर होगा सुविधाजनक; देखें पूरा रूट

Badrinath Dham: बद्रीनाथ के कपाट खुलने की तारीख हो गई तय, जानिए.. किस दिन से शुरू होगी चारधाम यात्रा

Badrinath Dham: श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट आगामी 4 मई से खोल दिए जाएंगे। टिहरी राज दरबार नरेंद्रनगर में श्री गणेश पूजन के साथ इसकी घोषणा कर दी गई।

Badrinath Dham
© google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Badrinath Dham: विश्व प्रसिद्ध भगवान श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट आगामी 4 मई को सुबह 6 बजे विधिवत पूजा-अर्चना के साथ आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। यह घोषणा वसंत पंचमी के अवसर पर टिहरी राज दरबार नरेंद्रनगर में श्री गणेश पूजन के साथ की गई। 


राज पुरोहित आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल ने गणेश, पंचांग और चौकी पूजन के बाद महाराजा मनुज्येंद्र शाह की जन्म कुंडली का अध्ययन और ग्रह नक्षत्रों की दशा देखकर कपाट खोलने की तिथि घोषित की। भगवान बदरी विशाल के महाभिषेक के लिए तिलों का तेल 22 अप्रैल को पिरोया जाएगा। 


स्थानीय सुहागिन महिलाएं महारानी माला राज्य लक्ष्मी शाह के नेतृत्व में राजदरबार में तिलों का तेल निकालेंगी। उसी दिन राज दरबार से गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा भी शुरु होगी। गाडू घड़ा यात्रा ऋषिकेश, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, डिम्मर गांव और पांडुकेश्वर आदि स्थानों पर प्रवास करते हुए 3 मई को बद्रीनाथ धाम पहुंचेगी। 


4 मई को तिलों के तेल से भगवान बदरी विशाल के महाभिषेक के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। मंदिर प्रबंधक कमेटी दिनरात तैयारियों में जुटा है। वहीं सुरक्षा को लेकर तमाम तरह के इंतजाम किए जा रहे हैं।