UP: अयोध्या छोटी छावनी के समीप स्थित दर्शन भवन में देश की प्रगति, विश्व शांति और गरीब कल्याण के संकल्प के साथ 53वां श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ विधि-विधान से संपन्न हुआ। इस महायज्ञ का संरक्षण देश के वरिष्ठ संत स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी के सान्निध्य में किया गया।
दो करोड़ बार हुआ ललिता सहस्त्रनाम का पाठ
अयोध्या, बस्ती, बाराबंकी, अंबेडकरनगर सहित आसपास के जनपदों से हजारों सुहासिनी माताएं और श्रद्धालु पहुंचे। दक्षिण भारत से आए कुमकुम द्वारा श्रद्धालुओं ने माता ललिता का अर्चन किया। श्री ललिता सहस्त्रनाम का एक करोड़ बार पाठ कर कुल 2 करोड़ बार अर्चन संपन्न हुआ। स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने श्री ललिता सहस्त्रनाम के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
संत सम्मेलन में दिए गए उद्बोधन
‘संविधान सबसे ऊपर, राम मंदिर के बाद कृष्ण मंदिर की बारी’
स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा, “हमारे लिए देश का संविधान सबसे ऊपर है। संविधान और धर्म के समन्वय से ही सच्चा रामराज्य स्थापित हो सकता है।” उन्होंने कहा, “अयोध्या में साढ़े पांच सौ साल बाद भव्य राम मंदिर बना। इसके लिए धन्यवाद है हीरा बेन के लाल नरेंद्र मोदी का। अब आवश्यकता है कृष्ण जन्मभूमि पर भगवान कृष्ण के भव्य मंदिर की। मर्यादा पुरुषोत्तम राम के दिखाए रास्ते पर हम सबको चलना है।”
‘2014 के बाद भारत की प्रतिष्ठा वैश्विक’
स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा, “माता ललिता से प्रार्थना है कि भारत और तीव्र गति से आगे बढ़े। 2014 के बाद भारत की प्रतिष्ठा वैश्विक स्तर पर बढ़ी है। आज देश में गौ माता की प्रतिष्ठा हुई है। कांग्रेस पार्टी की सरकार ने 7 नवंबर 1966 को स्वामी करपात्री जी महाराज और गौ रक्षकों पर गोलियां चलवाई थीं। कांग्रेस और विपक्ष सनातन और गौ विरोधी हैं।” स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि स्वामी करपात्री जी महाराज पर कांग्रेस की सरकार ने बहुत अत्याचार किया था।स्वामी सर्वेश्वरानंद ने कहा की संत समाज का समर्थन भगवान राम को लाने वालों के साथ है।
रोहित कुमार सिंह का बयान
युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा, “त्रेता में राम के घर में मंथरा थी, आज कलयुग में राम मंदिर में कुछ मंथराएं हैं। हम उन्हें चिन्हित करेंगे और सरकार कठोर कार्रवाई करेगी। देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऋणी है। 1991 में रामगोपाल यादव ने संसद में अयोध्या में राम को अवैध कब्जा बताया था। मुलायम सिंह ने कारसेवकों पर गोलियां चलवाई थीं।अखिलेश यादव ने अब तक अयोध्या में रामलला का दर्शन नहीं किया।
राम मंदिर भाजपा, विहिप और संघ के संघर्ष से बना है। संतों के आशीर्वाद से 2047 से पहले भारत विश्व शक्ति बनेगा।” संत सम्मेलन में महंत महेश योगी,स्वामी बीरेंद्रानंद पुरी,डा. सुनीता शास्त्री सहित कई गणमान्य संत उपस्थित रहे। संत सम्मेलन का संचालन डा. सप्तऋषि मिश्रा,निखिल पांडेय,चमचम तिवारी,शिवपाल यादव,पप्पू यादव,सत्येंद्र सिंह बिशेन,नरोत्तम सिंह बागी,मयंक सिंह,देवांश शुक्ला आदि उपस्थित रहे।



