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आस्था या अंधविश्वास: सावन में नंदी बाबा अचानक पीने लगे दूध

JAMUI: इसे आस्था कहें या अंधविश्वास लेकिन जो भी हो जमुई मलयपुर में स्थित मनोकामना शिव मंदिर में नंदी जी के दूध पीने की अफवाह उड़ी तो लोगों की भीड़ दूध पिलाने के लिए मंदिर में उम

आस्था या अंधविश्वास: सावन में नंदी बाबा अचानक पीने लगे दूध
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

JAMUI: इसे आस्था कहें या अंधविश्वास लेकिन जो भी हो जमुई मलयपुर में स्थित मनोकामना शिव मंदिर में नंदी जी के दूध पीने की अफवाह उड़ी तो लोगों की भीड़ दूध पिलाने के लिए मंदिर में उमड़ पड़ी। यहां लोगों में आस्था का अटूट विश्वास देखने को मिला। 


बताया जा रहा है कि एक श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने पहुंचा तो उसने शिवलिंग पर पूजा अर्चना करने के बाद नंदी बाबा को चम्मच से पानी पिलाने लगे। देखते ही देखते चम्मच से पानी गायब हो गया। श्रद्धालु ने फिर से चम्मच में दूध लेकर भोग लगाया तो वह भी गायब हो गया। नंदी के दूध और पानी पीने की बात जंगल में आग की तरह फैल गई। 


आसपास के अलावे दूसरे गांवों के लोग भी मंदिर में भगवान नंदी को दूध पिलाने पहुंचने लगे। यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। लोगों का कहना है कि सावन महीने में शिव की सवारी नंदी के दूध पीना किसी सपना से कम नहीं है। कई वर्षों से शिव की पूजा अर्चना करने का फल मिला है। हालांकि इस प्रकार की घटनाएं पहले भी चर्चा में रही हैं। मूर्ति के दूध पीना का न तो कोई वैज्ञानिक आधार है और न कोई प्रमाणिकता। यह केवल लोगों का वहम और अंधविश्वास है।

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रिपोर्टर

Dhiraj Kumar Singh

FirstBihar संवाददाता