ब्रेकिंग
इलाज के नाम पर हैवानियत, बीमार बच्चों को पैरो से पकड़कर ज़मीन पर पटकता रहा तांत्रिक... वीडियो देख कांप जाएगी रूह✦कानाफूसी: सचिवालय के 'साहेब' का वसूली गैंग! बॉडीगार्ड-रिश्तेदार से लेकर स्वधर्म वाले शख्स को दिया जिम्मा, सिफारिशी पोस्टिंग वाले निशाने पर...'लक्ष्मी' रिलीज करने का भारी दबाव✦‘तटबंध का पक्कीकरण नहीं हुआ तो अगला चुनाव नहीं लड़ूंगा’, बीजेपी विधायक ने कर दिया एलान✦UG Admission से चूके छात्रों को मिला एक और मौका! बिहार के कॉलेजों में स्पॉट एडमिशन शुरू, यह है आखिरी तारीख✦दिवाली-छठ पर दिल्ली से पटना के लिए चलेगी वंदे भारत स्पेशल? रेलवे ने भेजा प्रस्ताव, जानें रूट और शेड्यूल✦इलाज के नाम पर हैवानियत, बीमार बच्चों को पैरो से पकड़कर ज़मीन पर पटकता रहा तांत्रिक... वीडियो देख कांप जाएगी रूह✦कानाफूसी: सचिवालय के 'साहेब' का वसूली गैंग! बॉडीगार्ड-रिश्तेदार से लेकर स्वधर्म वाले शख्स को दिया जिम्मा, सिफारिशी पोस्टिंग वाले निशाने पर...'लक्ष्मी' रिलीज करने का भारी दबाव✦‘तटबंध का पक्कीकरण नहीं हुआ तो अगला चुनाव नहीं लड़ूंगा’, बीजेपी विधायक ने कर दिया एलान✦UG Admission से चूके छात्रों को मिला एक और मौका! बिहार के कॉलेजों में स्पॉट एडमिशन शुरू, यह है आखिरी तारीख✦दिवाली-छठ पर दिल्ली से पटना के लिए चलेगी वंदे भारत स्पेशल? रेलवे ने भेजा प्रस्ताव, जानें रूट और शेड्यूल

तेजस्वी के कम बैक से सकते में हैं तेजप्रताप, फिर पकड़ ली वृंदावन की राह

PATNA : उप चुनाव में 2 सीटों पर जीत के साथ आरजेडी की वापसी कराने वाले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ऐसा कम बैक किया कि विपक्ष के साथ-साथ उनके पारिवारिक विरोधियों की भी बोलती

FirstBihar
Anamika
4 मिनट

PATNA : उप चुनाव में 2 सीटों पर जीत के साथ आरजेडी की वापसी कराने वाले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ऐसा कम बैक किया कि विपक्ष के साथ-साथ उनके पारिवारिक विरोधियों की भी बोलती बंद हो गई है। परिवार में तेजस्वी यादव के एकाधिकार को चुनौती देने वाले उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। 


तेजस्वी की जीत के बाद वृंदावन निकले तेजप्रताप
तेजस्वी यादव ने विधानसभा उपचुनाव में आरजेडी के लिए अच्छे नतीजे लाकर सबको चौंका दिया।  पार्टी के स्टार प्रचारकों की लिस्ट में तेजस्वी के अलावा लालू परिवार के अन्य सदस्यों का भी नाम शामिल था लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के अलावा राज्यसभा सांसद मीसा भारती और विधायक तेज प्रताप यादव किसी ने भी उपचुनाव में प्रचार नहीं किया। तेजस्वी अकेले आरजेडी की उम्मीदवारी वाली सीटों पर प्रचार करने के साथ-साथ सहयोगी दल कांग्रेस के लिए भी चुनाव प्रचार करते दिखे। उपचुनाव में जीत के बाद तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर सवाल उठाने वालों को बड़ा झटका लगा। शायद यही वजह है कि दिवाली के मौके पर जीत का जश्न पटना में मनाने की बजाय तेज प्रताप यादव वृंदावन और मथुरा के दौरे पर हैं। तेज प्रताप यादव मथुरा और वृंदावन में ही दिवाली और गोवर्धन पूजा मनाएंगे वह धनतेरस के दिन से ही वृंदावन में हैं। 

तेजस्वी के कम बैक से सकते में हैं तेजप्रताप, फिर पकड़ ली वृंदावन की राह

पार्टी में तेजप्रताप की एक नहीं चली
हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब तेज प्रताप यादव मथुरा और वृंदावन गए हैं, लेकिन लोकसभा चुनाव के पहले तेज प्रताप ने खुद ऐलान किया था कि वह पार्टी में पूरे दमखम के साथ अपनी ताकत दिखाएंगे। तेज प्रताप यादव ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा भी खोला लेकिन तेजस्वी के आगे उनकी एक नहीं चली। तेजप्रताप छात्र इकाई से आगे पार्टी के अंदर अपना प्रभाव नहीं बढ़ा सके। लोकसभा चुनाव के बाद तेजस्वी के नेतृत्व पर जो सवाल उठ भी रहे थे उन सभी पर उपचुनाव में जीत के बाद विराम लग गया है। सियासी जानकारी हम मानते हैं कि तेज प्रताप यादव को इस बात का अहसास हो गया है कि और तेजस्वी के नेतृत्व के आगे पार्टी में उनकी नहीं चलने वाली। 

तेजस्वी के कम बैक से सकते में हैं तेजप्रताप, फिर पकड़ ली वृंदावन की राह

ऐश्वर्या की वजह से भी फजीहत
तेज प्रताप यादव का वैवाहिक जीवन भी विवादों में चल रहा है। पत्नी ऐश्वर्या से तलाक के लिए कोर्ट में उन्होंने अर्जी दे रखी है लेकिन पिछले दिनों राबड़ी देवी के आवास पर उनकी पत्नी ऐश्वर्या ने जिस तरह लालू परिवार पर आरोप लगाए उसके बाद तेज प्रताप सब से कन्नी काट रहे हैं। तेज प्रताप की फजीहत उनकी पत्नी के चलते हो रही है इसलिए ना तो वह राजनैतिक तौर पर सक्रिय हो पा रहे हैं और ना ही सार्वजनिक तौर पर।