Bihar Politics: बिहार विधानसभा में सम्राट चौधरी की सरकार ने विश्वास मत हासिल कर लिया है। सदन के भीतर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार और बीजेपी को जमकर सुनाया। विधानसभा की कार्यवाही खत्म होने के बाद सदन से बाहर निकले तेजस्वी यादव ने एक बार फिर सीएम सम्राट चौधरी को अपने निशाने पर लिया और जोरदार पलटवार किया है।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में पांच साल में पांच सरकार बनी। सरकार बनी और फिर नई सरकार बनी। यानी इस साल का 40 फीसद समय तो बर्बाद हो गया, तो काम कब हुआ? निशांत ने भी कहा था कि अमित अंकल बोले हैं कि नीतीश कुमार 30 तक रहेंगे कोई दिक्कत नहीं है। अगर नीतीश कुमार को जाना ही होता तो वह खुद चुनाव के समय बोल सकते थे कि चुनाव के बाद हम चले जाएंगे लेकिन चुनाव में कभी उन्होंने यह बात नहीं बोला बल्कि हम लोग ही बोल रहे थे कि बीजेपी उनको सीएम की कुर्सी पर नहीं रहने देगी।
तेजस्वी ने कहा कि अंदर ही अंदर दबाव डालकर, टॉर्चर कर के और बेईज्जत कर के नीतीश कुमार को भगाया। इस बात को कौन नहीं जानता है। बिहार में कोई ओरिजनल भाजपा और आरएसएस का मुख्यमंत्री बना है क्या? क्या यह बात सच नहीं है कि सम्राट चौधरी पहली बार आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़े थे। इनको आरजेडी की तरफ से सचेतक भी बनाया गया था। विजय चौधरी भी पहली बार कांग्रेस से चुनाव लड़े थे। विजेंद्र यादव भी जनता दल से आए। तो बीजेपी के मन में तो पीड़ा है ही न।
उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद ने जो लकीर खिंची है। भले ही बीजेपी के मुख्यमंत्री हो लेकिन सम्राट चौधरी संघ के तो कार्यकर्ता नहीं हैं। सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री हैं और सभी को जानने का अधिकार है कि वह कितने शिक्षित हैं। उन्होंने कौन सा कोर्स किया है या नहीं किया है वह तो भगवान ही जानता है। वह ऐसा कोर्स है जो मैट्रिक परीक्षा की तैयारी के लिए किया जाता है। तो वह डिग्री के मामले में भी फेल हैं। उनकी सही उम्र का पता ही नहीं है, उनकी एज कब घट जाती है और कब बढ़ जाती है, कुछ पता ही नहीं है। उस मामले में भी फेल। तेजस्वी यादव ने कहा कि सम्राट चौधरी के ऊपर हत्या समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, ये क्या बोलेंगे।
